
Jamshedpur : दक्षिण-पूर्व रेलवे ने 10 महीनों के भीतर 160.75 मिलियन टन माल ढुलाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इस कीर्तिमान को स्थापित करने में चक्रधरपुर रेल मंडल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. दक्षिण- पूर्व रेलवे ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 अप्रैल से जनवरी माह के दौरान160.75 मिलियन टन माल की ढुलाई कर 13,392.23 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है.
पिछले वर्ष इस अवधि में 141.87 मिलियन टन माल की ढुलाई कर 11,599.13 करोड़ रुपये के राजस्व का अर्जन किया था, जो पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 13.31 प्रतिशत अधिक है. इससे रेलवे के राजस्व अर्जन में 15.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2021-22 के पहले 10 महीनों के दौरान दक्षिण- पूर्व रेलवे ने लौह अयस्क, कोयला, कच्चा लोहा और तैयार स्टील, सीमेंट, उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद की ढुलाई की है. इस अवधि के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे ने 89.16 मिलियन टन लौह अयस्क लोड किया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.15 प्रतिशत अधिक है.
लौह अयस्क की होती सर्वाधिक ढुलाई
ज्ञात हो कि दक्षिण-पूर्व रेलवे में चक्रधरपुर रेल मंडल में सबसे ज्यादा लौह अयस्क की ढुलाई होती है और माल ढुलाई के आंकड़ों में सबसे बड़ा योगदान चक्रधरपुर रेल मंडल का ही होता है. दक्षिण – पूर्व रेलवे के अंतर्गत चार रेल मंडल आते हैं, जिसमें माल ढुलाई के क्षेत्र में चक्रधरपुर डिविजन प्रथम स्थान रखता है.
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