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सोशल मीडिया पर बिशप काउंसिल के नाम से फर्जी लेटर हुआ वायरल,  बिशप ने ऐसे किसी भी पत्र से किया इनकार  

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Ranchi:  लोकसभा चुनाव में कई तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. एक-दूसरे को मात देने के लिए सजिश पर साजिश चल रही है. इसी तरह एक नया हथकंडा सामने आया है. सोशल मीडिया में झान रीजनल बिशप काउंसिल का दो फर्जी लेटर जारी किया गया है.

इसमें लिखा लिखा गया है कि खूंटी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र आदिवासी बहुल क्षेत्र है. यह आदिवासियों के लिए आरक्षित है. इस क्षेत्र में ईसाइयों की संख्या काफी है. लेकिन राज्य के किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने इस निर्वाचन क्षेत्र से ईसाई समाज के व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाया.

पूरी दुनिया में ईसाई शांतिप्रिय और धर्म निरपेक्षता में विश्वास रखते हैं परंतु जिस प्रकार झारखंड के वर्तमान सरकार ने संविधान के विरुद्ध जाकर धर्मांतरण कानून बनाया वह ईसाई विरोधी, आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. साथ ही पत्र में अपील की गयी कि आइए हम सब मिलकर अपने अधिकारों की रक्षा करें एवं समाज के उम्मीदवारों को ही वोट करें.

अगर ईसाई उम्मीदवार नहीं है तो नोटा दबाकर अपनी शक्ति एकजुटता का प्रदर्शित करते हुए विरोध करें.

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ईसाई समाज एक बड़ी ताकत

पत्र में आगे लिखा है कि यदि हमारे समाज के उम्मीदवार बड़ी संख्या में मत प्राप्त करते हैं तो देश के प्रमुख राजनीतिक दलों को यह एहसास हो जायेगा कि ईसाई समाज एक बड़ी ताकत है.

तब आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के समय ईसाइयों को नजरअंदाज नहीं करेंगे. जैसा कि इन पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में किया है.

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विशप काउंसिल ने किया खंडन

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इस पत्र के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद 28 अप्रैल 2019 को झान विशप काउंसिल सोशल ने इसे झूठा करार दिया है और इसे चुनावी हथकंडा बताया है.

रांची आर्च डायसीस के पीआरओ डेविड आन्नद ने न्यूज विंग को बताया की सोशल मीडिया में वायरल पत्र विशप काउंसिल द्वारा जारी नही किया गया है. लोकतंत्र के  महापर्व में सभी समुदाय बढ़ चढ़कर हिस्सा लें और अपने अंत:करण से मतदान करें.

फर्जी पत्र को देखते हुए 28 अप्रैल 2019 खंडन जारी किया गया.  खडन पत्र फेलिक्स टोप्पो महाधर्माध्यक्ष रांची महाधर्मप्रान्त की ओर से जारी किया गया है.

 

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क्या लिखा गया है पत्र में  

प्रिय विश्वासी भाइयों एवं बहनों, पुनर्जीवित प्रभु यीशु ख्रीस्त की शांति

आर्च डायसीस के पीआरओ डेविड आन्नद.

एक पत्र मेरे नाम पर झान लेटर हेड पर जारी किया गया है, जिसमें मूल रूप से कहा गया है कि लोकसभा चुनाव के लिए अगर ईसाई उम्मीदवार नहीं है तो नोटा बटन दबाकर अपनी शक्ति और एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए विरोध करें.

हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह पत्र मेरी ओर से जारी नहीं किया गया है. ये जाली पत्र है. इसलिए आप झूठे प्रचार के झांसे में ना आएं. और अपने अंत:करण के अनुसार अपना वोट अवश्य डालें.

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