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#CoronaUpdate: मजदूर परेशान हैं, मदद की दरकार है, पर झारखंड के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता का अता-पता नहीं

Pravin kumar

Ranchi : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये देश भर में लॉक डाउन है. फैक्टरी, कंपनी, उद्योग, दुकानें, बाजार बंद हैं. दूसरे राज्यों में झारखंड के मजदूर फंसे हुए हैं. राज्य में जो मजदूर हैं, उनके घऱ में नकदी और राशन नहीं हैं.

पर, झारखंड के श्रम, रोजगार और प्रशिक्षण विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता दिखायी नहीं दे रहे हैं. ना तो वह मंत्रालय में बैठ रहे हैं ना ही रांची स्थित आवास पर.

जब राज्य के मदजूरों को श्रम विभाग की जरुरत है, तब मंत्री सत्यानंद भोक्ता चतरा में अपने क्षेत्र में लॉक हैं. मंत्री के नहीं होने की वजह से विभाग के अफसर चाह कर भी मजदूरों के हित में त्वरित फैसले नहीं ले पा रहे हैं.

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काफी प्रयास के बाद हो सका संपर्क

न्यूज विंग ने शनिवार को कई बार मंत्री सत्यानंद भोक्ता से संपर्क करने की कोशिश की. काफी प्रयास के बाद उनका एक नम्बर नॉटरिचेवल पाया गया. दूसरे नम्बर से बात हुई पर पर दिन के तीन बजे के बाद.

मंत्री ने बताया कि वह अपने क्षेत्र में हैं. उनसे यह सवाल किया गया कि मजदूर संकट में हैं, आपने क्या-क्या कदम उठाये. मंत्री ने जवाब दिया कि अफसर काम कर रहे हैं. हेल्पलाइन नंबर खोला गया है.

राज्य के मजदूरों के सामने भूखमरी की समस्या उत्पन्न ना हो, इसके लिये क्या-क्या कदम उठाये जा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार के स्तर से सभी तरह की कार्रवाई हो रही है.

दूसरे राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों के लिये क्या कदम उठाये जी रहे हैं? इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से बात की गयी है.

जब उनसे पूछा गया कि किसने बात की है, तब उन्होंने जवाब दिया कि विभाग के हेल्पलाइन की तरफ से बात की गयी है. मतलब मंत्री ने खुद के स्तर से किसी राज्य की सरकार से बात नहीं की.

कोरोना संक्रमण को रोकने औऱ मजदूरों को जरूरी राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर से लगातार कोशिशें की जा रही हैं. पर, जब विभागीय मंत्री का ही जब अता-पता नहीं रहे, तो हालात की कल्पना की जा सकती है.

4 दिन पहले  पूरे देश में हुआ लॉकडाउन, झारखंड का श्रम विभाग चार दिन बाद जागा

झारखंड के विभिन्न जिलों के करीब डेढ़ लाख श्रमिक देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए हैं .यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है.

न्यूजविंग को विभिन्न राज्यों से आ रहे फोन के बाद राज्य के श्रम एवं नियोजन मंत्री से बात की गयी तो मंत्री जी ने कहा- सहायता केंद्र खोल दिये हैं.

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राज्य में 8 लाख निर्माण मजदूर का काम हुआ सबसे पहले बंद

राज्य में 8 लाख से अधिक निर्माण मजदूर रजिस्टर्ड हैं जिनका आंकड़ा और डाटा राज्य सरकार के पास है. कोरोना संकट में सबसे पहले निर्माण कार्य को बंद कर दिया गया.

इसके बाद भी राज्य सरकार ने निर्माण मजदूरों के लिए अब तक कोई राहत की घोषणा नहीं की हैं. अगर सरकार घोषणा भी करती हैं तो उसके क्रियान्वयन में भी काफी वक्त लग सकता है .क्योंकि विभाग के मंत्री खुद से किसी तरह की पहल करते हुए नहीं नजर आ रहे हैं. कोरोना संकट में मंत्री जी राजधानी से गायब है.

सत्यानंद भोक्ता ने अब तक श्रम मंत्री की हैसियत से राज्य के मजदूरों तक राहत पहुंचाने के लिए ना तो किसी भी तरह का निर्देश दिया है औऱ ना ही अब तक उनका कोई सार्वजनिक बयान ही जारी किया गया है.

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