
Ranchi : मेयर आशा लकड़ा ने कहा है कि 21 दिनों के लॉकडाउन में राजधानीवासियों को कई समस्या आने के बाद भी हेमंत सरकार द्वारा रांची नगर निगम को कोई मदद नहीं देना सही नहीं है.
उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस को देखते हुए निगम अपने कई मदों से राजधानी के लोगों को सुविधा देने की कोशिश कर रहा है. यहां तक की कर्मचारियों के वेतन का भी उपयोग कोरोना का प्रकोप रोकने के लिए किया जा रहा है.
लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है कि निगम को मदद दी जायेगी, लेकिन अभी तक इस ओर कोई प्रयास नहीं किया गया है.
कोरोना संक्रमण के बाद राजधानी की वस्तुस्थिति को लेकर निगम कार्यालय में आला अधिकारियों के साथ बुलायी बैठक में मेयर ने यह बात कही.
इस दौरान आशा लकड़ा ने ऐलान किया है कि इस महामारी को देखते हुए वह अपनी नागरिक सुविधा मद (फंड) से 1 करोड़ और अपने 5 माह का वेतन रांची नगर निगम को देंगी.
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संकट की घड़ी में राजधानीवासी करें मदद
मेय़र ने कहा कि राजधानी होने के कारण सरकार के सभी सेंटर यहीं पर है. ऐसे में सरकार को आगे आकर निगम को फंड देना चाहिए था. लेकिन 20 दिनों के बाद भी फंड की व्यवस्था नहीं करना सही नहीं है.
लॉकडाउन लागू होने के बाद निगम लगातार इसके लिए प्रयासरत था कि सरकार तत्काल ही फंड की व्यवस्था करती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. ऐसे में राजधानी के सामने साफ-सफाई का खतरा सामने आ गया है.
मेयर आशा लकड़ा ने राजधानीवासियों विशेषकर संभ्रात लोगों से अपील की है कि इस संकट की घड़ी में वे निगम की मदद के लिए आगे आयें.
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सफाई के काम में कोताही नहीं बरतें अधिकारी
बैठक की जानकारी देते हुए आशा लकड़ा ने कहा कि इस दौरान स्वास्थ्य शाखा से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी वार्डों में सफाई काम में कोई कोताही नहीं बरती जाये.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन की वजह से निगम के सफाईकर्मियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में लोगों से निगम की अपील है कि वे अपने आसपास के इलाके में साफ-सफाई पर पूरा ध्यान रखें.
निगम अपने मद से लगातार राजधानी में सेनेटाइजर, स्प्रे, ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है. लेकिन निगम के पास राशि काफी कम है. ऐसे में वर्तमान में निगम को मदद की आवश्यकता है.
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