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#Corona का खौफ: छह दिनों में साढ़े 4 हजार रेल यात्रियों ने कैंसिल कराये अपने टिकट

Ranchi: कोरोना महामारी का डर यात्रियों पर दिखना शुरू हो गया है. हटिया और रांची रेलवे स्टेशनों से अलग अलग सफ़र पर निकलने की तैयारी कर चुके यात्री अब अपने टिकट कैंसिल कराने लगे हैं.

हालांकि रेलवे ने अपने स्तर से सुरक्षा के इंतजामात कर रखे हैं पर दूसरी जगहों पर सफ़र पर जाने की हिम्मत यात्रियों की टूटने लगी है. पिछले छह दिनों में 4500 से अधिक यात्रियों ने अपनी यात्रा स्थगित कर दी है.

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हटिया से 2263 और रांची से 2278 टिकट हुए कैंसिल

11 मार्च से 16 मार्च की अवधि में 4541 यात्रियों ने अपनी यात्रा का प्रोग्राम रद्द कर दिया है.  इस अवधि में हटिया से 2263 और रांची रेलवे से 2278 मुसाफिरों ने अपना टिकट सरेंडर कर दिया है.

अभी के आंकड़ों को देखें तो प्रतिदिन औसतन 380 से भी अधिक यात्री अपना टिकट वापस करा रहे हैं जबकि इसी समय पिछले साल प्रतिदिन 250 टिकट वापसी होती थी.

हटिया स्टेशन से टिकट वापसी से 790515 रुपये यात्रियों को वापस किये गये हैं जबकि रांची से 1150090 रुपये. यानी लगभग 2 लाख रुपये की टिकट वापसी (रिफंड अमाउंट) हुई है.

ये आंकड़े केवल हटिया और रांची रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटर से लिए गये टिकट से सम्बंधित हैं. ई-टिकट और रेलवे स्टेशनों के अलावा अन्य काउंटरों से लिये गये टिकट के आंकड़े इनमें शामिल नहीं हैं.

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डिमांड वाले सीजन में बढ़ने की बजाय घट रही डिमांड

मार्च से मई-जून महीने के बीच बड़ी संख्या में लोग झारखण्ड से दूसरे राज्यों में घूमने और पढाई करने को निकलते हैं. सबसे अधिक संख्या 10वीं-12वीं के बाद पढाई करने को बाहर निकलने वालों की होती है जो 1 लाख से भी ऊपर हो जाती है.

बेंगलुरु, पूना, मुंबई, चेन्नई जैसे शहरों में पढाई करने के लिए हर साल रांची, हटिया, टाटा, बोकारो, धनबाद और अन्य जगहों से छात्र निकलते हैं.

इसके अलावा फ़रवरी-मार्च में विद्यार्थियों की होने वाली सालाना परीक्षा के बाद लोग अपने बच्चों, परिजनों संग कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जाते हैं.

इसके लिए सबसे अधिक रेलवे सेवा का ही उपयोग किया जाता है. हटिया रांची से 56 ट्रेनें प्रतिदिन खुलती हैं. लोग किसी काम से बाहर निकलने को महीनों पहले से रेलवे की टिकट बुकिंग करने लगते हैं.

पर अबकी कोरोना की चिंता ने अबकी पांव रोक दिये हैं. पटना, पूना जाने से लेकर राजधानी, गरीब रथल हटिया एलटीटी जैसी लंबी दूरी की गाड़ियों में भी लोग धड़ल्ले से टिकट वापस कराने लगे हैं.

रेलवे ने कोरोना से मुकाबले की कर कर रखी है समुचित तैयारी : सीपीआरओ

हटिया रेलवे के सीपीआरओ नीरज कुमार के अनुसार रेलवे की ओर से चौबीसों घंटे क्यूआरटी तैयार रखी गयी है. एम्बुलेंस, पारा मेडिकल स्टाफ, डॉक्टरों की टीम लगातार शिफ्टवाइज काम कर रही है.

50 बेड को कोरेनटाइन करके रखा गया है. 1 आइसोलेशन वार्ड भी रेडी है जिसमें 4-4 बेड यानी कुल 8 बेड हैं. सभी गाड़ियों को सैनीटाइज्ड किया जा रहा है.

कोरोना से बचाव के संबंध में लगातार प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है. हर यात्री रेलवे के लिए महत्वपूर्ण है. ऐसे में रेलवे के द्वारा हर तरह से एहतियात बरती जा रही है.

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