
Ranchi: अच्छी आमदनी की उम्मीद रांची जिले के दर्जनों किसानों ने केशर की खेती की थी मगर कोरोना के दूसरी लहर ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है. राहे प्रखंड के कोचेटोला, नावाटोला, पुरनाडीह, कोन्टाटोली आदि गांव के किसानों ने इस वर्ष बड़े रकबे में अमेरिकन किस्म के केशर की खेती की थी. फसल अच्छी हुई. अब खरीददार नहीं मिल रहा है. जिस वजह से किसानों की पूंजी और मेहनत दोनों बेकार हुई है.
किसान जितराय मुंडा ने बताया कि पुलिस प्रशासन गांव में केशर खेती करने को प्रेरित किया. पहले इन गांवों में पोस्ता की खेती होती थी. प्रशासन के बढ़ते दबाव में किसानों ने पोस्ता की खेती छोड़ कर इस बार केशर की खेती की. 70 हजार रुपये प्रति किलो केशर का बीज खरीदे. कड़ी मेहनत के बाद केशर का उत्पादन किया. फसल अच्छा भी हुआ . लेकिन खरीददार नहीं आये. सभी किसानों के पास 10 किलो के आसपास केशर पड़ा हुआ है.
अमेरिकन केशर का बाजार में कीमत 60 हजार से 90 हजार तक है. कुछ खरीददार गांव आये थे. वे 30 हजार देने की बात कही थी. लेकिन बात नही बनी. इसी बीच कोरोना को लेकर मिनी लॉक डॉउन की घोषणा हो गयी. जिस कारण किसानों के पास ही केशर पड़ा रहा गया. किसानों को काफी नुकसान हुआ है.




