
Ranchi: झारखंड की क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए आजीवन कार्य करने वाले बिशप निर्मल मिंज का निधन हो गया. थियोलॉजिकल कॉलेज के प्राचार्य व गोस्सनर कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य रहे, एनडब्ल्यूजीइएल चर्च के प्रथम बिशप डॉ निर्मल मिंज का 94 वर्ष की आयु में हुआ. उनका अंतिम संस्कार आज डिबडीह स्थित कब्रिस्तान में होगा.
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2017 में साहित्य अकादमी के भाषा सम्मान से भी नवाजे गये थे बिशप निर्मल मिंज
बिशप निर्मल मिंज को 2017 में साहित्य अकादमी के भाषा सम्मान से भी नवाजा गया था.गोस्सनर कॉलेज के प्राचार्य के रूप में उन्होंने इतिहास में पहली बार झारखंड के आदिवासी और क्षेत्रीय भाषाओं की पढाई शुरू करवाई. उनके ही प्रयासों से रांची विवि में भी इन भाषाओं की पढ़ाई शुरू हुई. वे 1970 से 1976 तक स्टडी कमीशन ऑफ द लूथेरन वर्ल्ड फेडरेशन के सदस्य रहे.
1980 के मध्य से उन्होंने झारखंड अलग प्रांत के लिए एक बौद्धिक मार्गदर्शक के रूप में ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के साथ काम करना शुरू किया. 1987 में गठित झारखंड समन्वय समिति के सक्रिय सदस्य बने.
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