
Ranchi : शैक्षणिक रुप से जब सुसंस्कृत होने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तब दीक्षांत होता है. मगर दीक्षांत केवल शिक्षा का नत नहीं होता बल्कि एक विद्यार्थी को यथार्थ जीवन में प्रवेश का मार्ग भी देता है. यहीं से आप शिक्षकों के सानिध्य और मार्गदर्शन लेकर खुद को साबित करने की राह पकड़ते हैं. रांची विवि के 35वें दीक्षांत समारोह का हिस्सा बन मैं यह देख पा रहा हूं कि अपने देश को प्रतिभाओं का गुलदस्ता मिल रहा है. एक शिक्षक मोमबत्ती की तरह होता है जो खुद को जलाता है और विद्यार्थी के रुप में ऐसी रोशनी फैलाता है जिससे समाज को उजाला मिलता है.
निश्चित रुप से रांची यूनिवर्सिटी राज्य कि सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है. जहां से पास आउट स्टूडेंट्स देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं. पर इतना ही काफी नहीं है. हमें हमारे संस्थान को इन तरह से उन्नत बनाना है कि यहां की प्रतिभा दूसरे देश पर बेहतरीन आश्रित न हों. आज यह देखा जा रहा है कि हमारे राज्य और देश की प्रतिभा दूसरे देश उच्च शिक्षा के लिए जाना चाहते हैं. दीक्षांत के इस मंच से में कहना चाहूँगा कि इस विवि को बेहतर से बेहतरीन बनाने में मेरी ओर से जिस तरह की मदद की आवश्यकता होगी वो मैं करूंगा.
राज्यपाल सह कुलाधिपति रमेश बैस ने उक्त बातें रांची यूनिवर्सिटी के 35वें दीक्षांत समारोह में कही.
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स्टूडेंट्स ही यूनिवर्सिटी के ब्रांड एम्बेसेडर
मोरहाबादी स्थित आर्यभट सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धि पर कहा कि रांची यूनिवर्सिटी में कई तरह के कोर्स कराये जाते हैं जो देश के गिने-चुने विश्वविद्यालय में कराया जाता है. गाइडेंस एंड काउंसलिंग, यौगिक साइंस जैसे विषय इनमें से एक है. उन्होंने कहा स्टूडेंट्स ही विश्वविद्यालय के ब्रांड एम्बेसेडर होते हैं. स्टूडेंट्स की उपलब्धियां ही संस्थान की उपलब्धियां होती हैं. मौके पर उन्होंने बताया कि लड़कियां खुद की उपस्थिति दर्ज करने में कहीं से पीछे नहीं है. इसका बेहतरीन उदाहरण है कि आज मिलने वाले 79 गोल्ड मैडल में आधे से अधिक लड़कियां हैं.
79 स्टूडेंट्स को मिला गोल्ड मैडल
35वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेश बैस के हाथों 79 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल मिला.
इन्हें मिला गोल्ड मेडल
एमए
एन्थ्रोपोलोजी : मोनिका बेक
बंगाली : अनिता पॉल
इंग्लिश : इशिका सिंह
ज्योग्राफी : श्रेया कुमारी
हिंदी : आलोक कुमार
हिस्ट्री : बेबी कुमारी
होम साइंस : अर्पिता नीतू बाड़ा
फिलासफी : आरती उपाध्याय
पॉलिटिकल साइंस : लक्ष्मी गोप
साइकोलॉजी : त्रिशाला शर्मा
संस्कृत : बिंदेश्वर कुमार
सोशलॉजी : खुशबू कुमारी
उर्दू : मोहम्मद राशिद
हो : संजय गगराई
खड़िया : मणिजीत केरकेट्टा
खोरठा : सरिता कुमारी
संथाली : प्रदीप मुर्मू
कुरमाली : सरिता कुमारी
कुरुख : निपुल लकड़ा
मुंडारी : अनीता मिंजुर
नागपुरी : पप्पू कुमार महतो
पंचपड़गानिया : जोशना कुमारी
ज्योतिर्विज्ञान : विनाम माहेश्वरी
जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन : अजय कुकरेती
एम कॉम : सिमरन परवीन
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एमएससी
बॉटनी : अनिमा फातमी
केमिस्ट्री : कुमारी प्रियंका
जियोलॉजी : बिद्या भगत
मैथ्स : अनुभब दत्ता
फिजिक्स : राजवर्धन सिंह
जूलॉजी : दीक्षा ठाकुर
एल्क्ट्रोनिक एंड कम्यूनिकेशन : अभिषेक कुमार भगत
एनवायर्नमेंटल साइंस : अजय कुमार रजक
लॉ : ईशा सिंह
बायोटेक्नोलॉजी : शाज्मा सर्वत
एमबीए : पूजा शुभाषिनी
एमसीए : उपासना सिंह
अर्कियोलोजी एंड म्युजियोलोजी : शैलेंद्र कुमार सिन्हा
रूरल डेवलपमेंट : तरुण कुमार महतो
पब्लिक डेवलपमेंट : अपूर्व कुमार पाठक
ह्यूमन राइट एजुकेशन : विद्या कुमारी
एमडी/एमएस : आनंद कुमार
एमबीबीएस : भव्या गिरी
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