
- रेफरल भवन के संदर्भ में प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजे पत्र पर भी तत्कालीन रघुवर सरकार ने नहीं लिया कोई एक्शन
- स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सीएम को बताया, “जांच के दिये हैं निर्देश”
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एकबार फिर स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सख्ती से निपटने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. रविवार सुबह उन्होंने ट्विटर पर की गयी तीन शिकायतों पर संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिये हैं.
ताजा मामला लोहरदगा जिला के कुडू स्थित अर्धनिर्मित रेफरल अस्पताल भवन, गढ़वा में सरकारी राशि के गबन के अलावा पूर्वी सिहंभूम में बुज़ुर्गों को नहीं मिल रहे पेंशन राशि से जुड़ा है.
दरअसल अर्धनिर्मित रेफरल अस्पताल भवन का काम 2007-08 में शुरू हुआ था. उस समय लोहरदगा के सांसद वर्तमान वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव थे. मामले पर सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी जांच के निर्देश दिये हैं.
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भवन निर्माण में हुए भ्रष्टाचार एवं लूट से नाराज दिखे सीएम
डीसी लोहरदगा को किया गया ट्वीट
.@DC_LOHARDAGA यह चिंताजनक मामला है।कृपया स्थिति की पूरी पड़ताल करें कि आख़िर क्यूँ निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ?
दोषियों पर अगर कार्रवाई चल रही है तो उसे गति दें अन्यथा जाँच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें
.@BannaGupta76 कृपया मामले का संज्ञान ले इस रेफरल अस्पताल को पूर्ण कराएँ https://t.co/a22qaGSnH5— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 9, 2020
सीएम को शिकायत कर बताया गया कि लोहरदगा के कुडू इलाके में 12 वर्ष पहले बनने वाली रेफरल अस्पताल भवन का काम अभी तक अधूरा है. यह भवन 2007-2008 में ही बनना शुरू हुआ था. भवन को लेकर ही मुख्यमंत्री को बताया गया कि भवन निर्माण में भ्रष्टाचार एवं लूट हुई है.
इस भवन की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री कार्यकाल को भी शिकायत हुई थी. लेकिन तत्कालीन रघुवर सरकार ने इसपर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की थी. मामले को लेकर सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को जांच का निर्देश भी दिया है.
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संस्थागत प्रसव में चल रहे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का निर्देश
डीसी गढ़वा को किया गया ट्वीट
हमारी सरकार में भ्रष्टाचार किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। .@dc_garhwa कृपया मामले की पूरी जाँच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सूचित करें। https://t.co/EJ583rFGBR
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 9, 2020
गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड अंतर्गत मकरी उपस्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव में चल रहे भ्रष्टाचार पर भी सीएम ने नाराजगी जतायी है. मीडिया में आयी खबर के बाद सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दोषियों से पैसे लेकर गढ़वा सिविल सर्जन और भवनाथपुर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी दोषियों का बचाव कर रहे हैं.
मामले पर संज्ञान लेते हुए सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को निर्देश दिया है कि एएनएम और सहिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. निर्देश मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री ने सीएम को बताया कि प्रधान स्वास्थ्य सचिव को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
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वृद्ध दंपती को पेंशन नहीं मिलना डीसी और हमारी असफलता का प्रतीक
डीसी पूर्वी सिंहभूम को किया गया ट्वीट
.@DCEastSinghbhum यह तस्वीर, यह स्थिति आपकी और हमारी असफलता का प्रतीक है। इन बुज़ुर्गों को तत्काल इनका हक़ दिलाते हुए सूचित करें।
साथ ही विशेष अभियान चला SECC के इकनोमिक आँकड़े के आधार पर ज़रूरतमंदों की पहचान कर उन्हें पेंशन योजना का लाभ दिलाएँ। https://t.co/kIMcNz7ohv
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 9, 2020
पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला प्रखंड में बुर्जुगों को पेंशन मिलने में हो रही लापरवाही को लेकर सीएम ने डीसी को कड़ी फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि यह स्थिति आपकी और हमारी असफलता का प्रतीक है. इन बुज़ुर्गों को तत्काल इनका हक दिलाते हुए सूचित करें.
साथ ही विशेष अभियान चलाकर SECC के इकोनॉमिक आंकड़ों के आधार पर जरूरतमंदों की पहचान करें और उन्हें पेंशन योजना का लाभ दिलाएं.
गौरतलब है कि मीडिया में वृद्ध दंपती को पेंशन नहीं मिलने के बाद सीएम ने कार्रवाई का निर्देश दिया है. प्रखंड के भदुआ पंचायत के महेशडुबा गांव में एक वृद्ध दंपती को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. जबकि बैंक में खाता खुले करीब डेढ़ वर्ष बीत चुके हैं. पेंशन की आस में वृद्ध दंपती 11 किमी तय कर प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलने आते हैं.
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