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पलामू: झारखंड में समेकित नामांकन सूचकांक 15.56 पर, चिंता का विषय: राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार

Palamu: झारखंड के विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणात्मकता का घोर अभाव है. समेकित नामांकन सूचकांक राष्ट्रीय औसत 27 अंक से काफी नीचे 15.56 पर है जो चिंता की बात है. वैसे तो पूरे देश में उच्च शिक्षा में गुणात्मकता का अभाव है, लेकिन झारखंड में यह समस्या गहरी है. उक्त बातें शनिवार को झारखंड के कुलाधिपति सह राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार आई बाला गुरु स्वामी ने नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन के सभागार में संकाय अध्यक्ष, प्राचार्य, विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कही.
उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ पठन-पाठन की शैली में अत्यधिक परिवर्तन आ गया है. 85 प्रतिशत पास करने वाले छात्रों में आवश्यक कौशल का अभाव रहता है जिसके कारण वे बेरोजगार रह जाते हैं अथवा कम पैसों पर काम करने के लिए बाध्य होते हैं.
उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं नई शिक्षा में क्रिटिकल थिंकिंग इनोवेशन, कम्युनिकेशन स्किल आदि का होना आवश्यक है. सिर्फ किताबी पढ़ाई करना ही पर्याप्त नहीं है. शिक्षकों को भी बदलते हुए टेक्नोलॉजिकल परिवेश के अनुरूप अपने आप को ढालना होगा, ताकि विषय के प्रति छात्राओं में जिज्ञासा जाग सके और वह कुछ नया सोचने और करने के काबिल हो सके.
उन्होंने झारखंड के विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 70 से 80 प्रतिशत रिक्त पदों एवं शोध एवं इनोवेशन के संसाधनों के घोर अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए का इसके लिए राज्य सरकार को पहल करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों का भ्रमण कर उनमें प्राप्त कमी से कुलाधिपति को उन्होंने अवगत करा दिया है और शीघ्र स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणात्मक एवं संख्यात्मक सुधार कर राष्ट्र की तस्वीर बदली जा सकती है. विश्वविद्यालय एवं कॉलेज शिक्षकों की वर्षों से लंबित प्रोन्नति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति बदलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा में सार्थक सुधार कर भारत विकसित देश बन सकता है.
सभा की अध्यक्षता कर रहे नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार ई बाला गुरु स्वामी उच्च कोटि के विद्वान एवं शिक्षाविद रहे हैं जो अन्ना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं यूपीएससी के मेंबर एवं दर्जन भर शैक्षणिक संस्थाओं एवं संगठनों के सदस्य हैं. उन्होंने दर्जनों पुस्तक लिखी हैं जिनमें से कई देश-विदेश के विश्वविद्यालय में पढ़ाई होती है. श्री स्वामी मूलतः इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रहे हैं लेकिन उन्होंने कंप्यूटर साइंस की कई किताबें लिखी हैं.
सभा का संचालन जीएलए कॉलेज के अंग्रेजी के प्राध्यापक डॉक्टर राघवेंद्र ने किया. सभा में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ राकेश कुमार, डीएसडब्ल्यू, प्रॉक्टर डॉक्टर केसी झा, साइंस के डीन एक पांडे, कॉमर्स के डीन डा आर आरपी सिंह, मानविकी के डीन सहित सभी विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्य उपस्थित थे.

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