
Ranchi : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने मंगलवार को पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. बताया था कि राज्यभर में 7.50 लाख सदस्यता आवेदन प्राप्त हुए हैं जो 22 सालों में ऐतिहासिक है. अब प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने ही उनके इस दावे पर सवाल खड़े कर दिये हैं. पूर्व प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने प्रदेश अध्यक्ष के दावे को पूरी तरह से सच से परे, बेबुनियाद और निराधार बताया है.
क्या कहते हैं पूर्व प्रवक्ता
आलोक दुबे ने मीडिया को जारी की गयी सूचना में कहा है कि राजेश ठाकुर ने सदस्यता को लेकर अपने रिपोर्ट कार्ड में 7.50 लाख सदस्य बनाने का ऐतिहासिक दावा पेश किया जो पूरी तरह से सत्य से परे है. प्रदेश कांग्रेस कमिटी को उन्होंने स्वयं 15 लाख फॉर्म भर कर सदस्य बनाने और 10 लाख डिजिटल सदस्य बनाये जाने का लक्ष्य रखा था. यह दावा राजेश ठाकुर ने संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल के समक्ष दिल्ली में 5 अप्रैल की बैठक में भी किया था. हालांकि संगठन प्रभारी ने 25 लाख के छोटे से लक्ष्य पर आपत्ति दर्ज करायी थी. सदस्यता की प्रगति पर भी नाराजगी जतायी थी.
इतना ही नहीं, 12 अप्रैल से संवाद सम्मेलन को भी केसी वेणुगोपाल ने सिर्फ इसलिए रोक दिया कि सदस्यता अभियान पार्टी का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है. इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष ने सदस्यता अभियान को गंभीरता से नहीं लिया. उन्हीं के दावे के अनुसार 25 लाख के लक्ष्य में मात्र 7.50 लाख ही हो पाया.
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अगर इसे अलग अलग किया जाये तो फार्म भर कर चार लाख सत्तर हजार सदस्य बनाये गये जबकि पिछले वर्ष 2017-18 में 5.50 से अधिक सदस्य सिर्फ फॉर्म भर कर बनाये गये थे. पिछली बार 6 विधायक थे और इस बार 18 विधायक.
पार्टी सत्ता में भी है फिर भी संगठन का विस्तार करने में प्रदेश अध्यक्ष पूरी तरह से विफल और फ्लॉप रहे. डिजिटल मेम्बरशिप की अगर बात करें तो प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले बोकारो में मात्र 644 सदस्य बने हैं.
80 फीसदी से अधिक सदस्य पार्टी के मंत्री, विधायक और सांसदों ने मिल कर बनाया है. देश में लगभग तीन करोड़ डिजिटल मेम्बरशिप में झारखंड का योगदान 2.13 लाख ही है.
झूठे आंकड़ों पर राहुल गांधी को पीएम बनाने का देखा जा रहा सपना
चुनाव प्राधिकरण आयोग के द्वारा 15 अप्रैल को रात 12 बजे के बाद मेम्बरशिप को लॉक कर दिया गया है. फिर भी मेम्बरशिप फार्म लिये जा रहे हैं. ऐसी जानकारी आज स्वयं प्रदेश अध्यक्ष ने दी है. ऐसे में ये कहा जा सकता है प्रदेश अध्यक्ष अलोकतांत्रिक कार्य कर रहे हैं. इस बाबत इनके ऊपर अनुशासनात्मक कारवाई भी हो सकती है. सूत्रों की मानें तो 15 अप्रैल के बाद मेम्बरशिप लेने की शिकायत चुनाव प्राधिकरण आयोग के चेयरमैन मधुसूदन मिस्त्री से कांग्रेस के कई नेताओं ने की है.
मेम्बरशिप को देखने वाले एक पदाधिकारी ने कहा कि फार्म भरकर 4.50 लाख व डिजिटल के माध्यम से 2.13 यानी निर्धारित 25 लाख के लक्ष्य में कुल 6.63 लाख सदस्य ही मात्र बने हैं.
यानी महज 26.5% ही काम हुआ. वहीं झारखण्ड की कुल आबादी के हिसाब से देखें तो कांग्रेस ने झारखंड में 2% से भी कम सदस्य बनाये हैं. इस मेम्बरशिप पर पार्टी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रही है.
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