न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

कोर्ट ने की डिफेंस लैंड होने की पुष्टि, भू-अर्जन पदाधिकारी ने म्यूटेशन रद्द करने दिया आदेश, लेकिन माफिया लूटते रहे जमीन-2

2,506

Akshay Kumar Jha

mi banner add

Ranchi: अरगोड़ा अंचल के हीनू मौजा के खाता नंबर 122 के प्लॉट नंबर 1602, 1603 शुद्ध रूप से आर्मी की जमीन है. इस बात की पुष्टि और कोई नहीं बल्कि खुद प्रशासन कर रहा है. 14 अगस्त 2018 को अरगोड़ा अंचल कार्यालय ने एक आरटीआई का जवाब दिया.

आरटीआई इसी जमीन से संबंधित थी. अंचल कार्यालय के जवाब में जो लिखा है, उसे देखकर प्रशासन के काम करने के तरीके का पता चलता है. अंचल कार्यालय के जवाब में उक्त जमीन को आर्मी का भी बताया जा रहा है और रिप्लीना इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का भी.

अंचल कार्यालय लिखता है कि खाता नंबर 122 के 1602 प्लॉट नंबर रकबा 12 कट्ठा जमीन रिप्लीना इस्टेट के साथ-साथ सैन्य अधिग्रहण में अर्जित है. जबकि ऐसा कतई नहीं हो सकता. या तो जमीन कंपनी की होगी या फिर यह जमीन सेना की होगी. एक ही समय में जमीन के दो-दो मालिक कैसे हो सकते हैं. अंचल कार्यालय का ऐसा जवाब पूरे सिस्टम पर एक सवालिया निशान खड़ा करता है.

इसे भी पढ़ें – सीएनटी ही नहीं आर्मी की जमीन पर भी माफिया ने कर लिया कब्जा और देखता रहा प्रशासन-1

एसएआर कोर्ट ने माना कि जमीन आर्मी लैंड है

खूंटी-चाईबासा रोड पर स्थित अरगोड़ा अंचल के खाता 122 प्लॉट नंबर 1601, 1602 और 1604 का मामला एसएआर (शिड्यूल एरिया रेगुलेटरी कोर्ट) पहुंचा. सात जुलाई 2017 को डीसी रांची, जो कोर्ट में जज की भूमिका में होते हैं, उन्होंने मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि सबी पक्षों और तमाम सबूतों को देखने के बाद यह साबित होता है कि अरगोड़ा अंचल के खाता नंबर 122, प्लॉट नंबर 1601 का 0.92 एकड़ जमीन, 1602 का 0.26 एकड़ जमीन और 1604 का 0.38 एकड़ जमीन मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने अधिग्रहित की है. इसलिए आवेदक की बात सही है.

इस आदेश के बाद भी माफिया को कोई फर्क नहीं पड़ा. बड़े ही धाक से जमीन को घेरा जा रहा है. बिना वन विभाग की अनुमति के पेड़ काटे और जलाए जा रहे हैं. सबसे बड़ी बात की प्रशासन के इस आदेश को प्रशासन के पदाधिकारी ताक पर रखते हुए उसकी खरीद और बिक्री में जुटे हैं.

इसे भी पढ़ें – डीजीपी की पत्नी ने ली जमीन तो खुल गया टीओपी और ट्रैफिक पोस्ट, हो रहा पुलिस के नाम व साइन बोर्ड का इस्तेमाल

Related Posts

BOI में घुसे चोर, कैश वोल्ट तोड़ने की कोशिश नाकाम, कुछ सिक्के ले भागे

बैंक के आमाघाटा ब्रांच की घटना, मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे चोर, ग्रिल भी तोड़ा

प्रशासन ने निकाला म्यूटेशन रद्द करने का आदेश, लेकिन दोबारा कराने की है तैयारी

ऐसा नहीं है कि एसएआर कोर्ट के आदेश के बाद मामला यहीं पर ठहरा. जमीन को माफिया से मुक्त कराने के लिए अरगोड़ा अंचल की तरफ से भू-अर्जन कार्यालय को लिखा गया.

21 जनवरी 2019 को अंचल कार्यालय की तरफ से भू-अर्जन कार्यालय से जमीन संबंधी सारी जानकारी मांगी गयी. आवेदन में कहा गया है कि आर्मी की जमीन पर कुछ लोगों जमाबंदी कायम कर ली है. जिसे रद्द करने के लिए जमीन संबंधी जानकारी उपलब्ध करायी जाए.

अंचल कार्यालय का पत्र भू-अर्जन कार्यालय को

18 फरवरी 2019 को भू-अर्जन कार्यालय की तरफ से अंचल कार्यालय को डिफेंस लैंड की सारी जानकारी देते हुए, जमाबंदी यानि म्यूटेशन रद्द करने का निर्देश दिया गया. लेकिन ढाक के वही तीन पात. लगातार जमीन माफिया जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. यहां तक कि जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार साहू इसी जमीन का एक हिस्सा रिप्लीना इस्टेट से खरीद चुके हैं.

भू-अर्जन कार्यालय की ओर से अंचल कार्यालय को आवेदन

रजिस्ट्री का काम हो चुका है. अब म्यूटेशन के लिए उसी अंचल के चक्कर लगाए जा रहे हैं, जिसे डिफेंस लैंड का सारा म्यूटेशन रद्द करने का निर्देश भू-अर्जन कार्यालय की तरफ से दिया गया है. फिर भी डिफेंस लैंड पर कब्जा के लिए वन विभाग के बगैर परमीशन के पेड़ काटे और जलाए जा रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – जमीन दलाल की फॉर्चूनर, पूर्व ट्रैफिक SP संजय रंजन, सिमडेगा SP और पूर्व DGP डीके पांडेय का क्या है कनेक्शन !

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: