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सीएनटी ही नहीं आर्मी की जमीन पर भी माफिया ने कर लिया कब्जा और देखता रहा प्रशासन-1

Akshay Kumar Jha

Ranchi: रांची और उसके आस-पास गलत तरीके से जमीन लूटने की जैसे होड़ लगी हो. कहीं सीएनटी लैंड तो कहीं जीएम लैंड लूटने में माफिया कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

हद तो तब हो गयी जब आर्मी के लिए आवंटित जमीन पर भी माफिया ने सरकारी कर्मियों के साथ मिलकर कब्जा कर लिया. यह जमीन करीब तीन एकड़ है. अरगोड़ा अंचल के हिनू मौजा के खाता नंबर 122 के प्लॉट नंबर 1602, 1603 शुद्ध रूप से आर्मी की जमीन है.

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लेकिन इन प्लॉटों पर जमीन माफिया की नजर पड़ चुकी है. सिर्फ कब्जा ही नहीं किया बल्कि कुछ ने मकान तक बना दिया है. और यह सब प्रशासन के नाक के नीचे हुआ. लेकिन हमेशा की तरह प्रशासन गहरी नींद में है.

रिप्लिका इस्टेट नाम की कंपनी ने 2009 में करा ली रजिस्ट्री

खाली जमीन देकर इसे कब्जा करने की मंशा कई लोगों के दिमाग में थी. लेकिन सटीक दाव लगा रिप्लिका इस्टेट नाम की कंपनी का. कंपनी ने 2009 में ही रजिस्ट्री ऑफिस से साठ-गांठ कर जमीन की रजिस्ट्री करा ली. इतना ही नहीं अरगोड़ा अंचल की मिलीभगत से कंपनी ने जमीन का म्यूटेशन भी करा लिया.

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लेकिन इस बात के कई प्रमाण हैं कि यह जमीन मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की है. बावजूद इसके जमीन की रजिस्ट्री हुई और फिर बाद में म्यूटेशन. इतना ही नहीं, इस जमीन को दोबारा से कंपनी ने रांची के जिला सहकारिता अधिकारी मनोज कुमार साहू को बेच दिया गया.

दोबारा से जमीन की रजिस्ट्री हुई. जबकि जमीन की रजिस्ट्री ना हो इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालय में एक आवेदन भी दिया गया था. अब इस जमीन का फिर से म्यूटेशन कराने की तैयारी है.

बिना वन विभाग के परमीशन के काटे और जलाए जा रहे हैं पेड़

जिस आर्मी की जमीन पर पहले रिप्लिका इस्टेट ने पहले कब्जा किया और मोटी रकम पर जिला सहकारिता अधिकारी को बेची, उस जमीन पर सखुआ और लीची के कई पेड़ लगे हुए हैं.

जमीन पर निर्माण करने के लिए झारखंड सरकार की सरकारी गाड़ी खड़ी कर बिना वन विभाग की अनुमति के पेड़ काटे जा रहे हैं. साथ ही लीची के पेड़ों में आग लगा दी जा रही है, ताकि वो सूख जाए और बाद में उसे काटा जा सके.

खुद जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार साहू प्लॉट पर खड़े होकर ऐसा करवा रहे हैं और उन्हें पुलिस या प्रशासन की तरफ से रोकने वाला कोई नहीं है.

कल पढ़ेः कैसे प्रशासन ने खुद माना है कि अरगोड़ा अंचल की यह जमीन आर्मी की है, म्यूटेशन रद्द करने का भी आदेश निकला, लेकिन फिर भी हो रहा है जमीन पर कब्जा.

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