
Dhanbad : कोल सेक्टर में 100 फीसदी FDI केंद्र सरकार द्वारा लागू करने के विरोध में मंगलवार को संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न मजदूर युनियनों ने हड़ताल की. हड़ताल के कारण कोल इंडिया लिमिटेड में काम-काज लगभग ठप हो गया. जिससे कोल इंडिया को करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
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सभी कार्यालयों में ताला जड़ दिया
संयुक्त मोर्चा द्वारा बुलायी गयी हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया जा रहा है. धनबाद में बीसीसीएल, इसीएल व सेल की विभिन्न कोलियरियों में काम-काज लगभग ठप रहा. मजदूरों ने कोलियरियों में झंडे गाड़कर काम ठप कर दिया.
उन्होंने एरिया ऑफिस से लेकर कोलियरी के सभी कार्यालयों में ताला जड़ दिया और कार्यालय के काम को भी बाधित किया. वहीं बंद को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किये गये थे. जगह-जगह CISF के जवान और स्थानीय थाने की पुलिस को लगाया गया था.
इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने अपनी गिरफ्तारियां भी दी. जानकारों का मानना है कि इस हड़ताल से कोल इंडिया को लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अगर हम सिर्फ बीसीसीएल की बात करें तो बीसीसीएल में 15 सौ करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
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कोयला भवन के सामने किया गया प्रदर्शन
कोयला उद्योग में 100 प्रतिशत FDI के विरोध में संयुक्त मोर्चा ने मंगलवार को कोयला भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री, कोयला मंत्री और भारत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि सरकार को इस फरमान को वापस लेना होगा.
कोल सेक्टर में सौ फीसदी FDI से मजदूरों की हालत खराब हो जायेगी. इस अवसर पर सीटू के जनरल सेक्रेटरी उदय कुमार सिंह ने कहा कि बीसीसीएल ने नो वर्क नो पे लागू किया है लेकिन उसका असर हमारे ऊपर नही पड़ने वाला. हम कोयला उद्योग के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. भारत सरकार के इस काले कानून को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देंगे.
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