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#Coal_india_limited : हड़ताल से देश भर में लगभग 400 करोड़ का उत्पादन ठप, राज्य में 75 करोड़ का उत्पादन प्रभावित

Ranchi:   केंद्रीय कैबिनेट का निर्णय सौ प्रतिशत FDI निवेश के विरोध में कोल कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल मंगलवार को हुई. यह एक दिवसीय है. जिसमें देशभर से लगभग तीन लाख कर्मचारी हड़ताल में रहे. यह पहली बार है जब कोल इंडिया के स्थायी, अस्थायी कर्मचारियों के साथ आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया.

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ऐसे में देश भर में कोयला खनन और ढुलाई का काम बाधित रहा. एक अनुमान के अनुसार देशभर में एक दिन में लगभग 2.5 मिलियन टन कोयला खनन किया जाता है. प्रति मिलियन टन की आमदनी लगभग 150 करोड़ है. ऐसे में एक दिन में लगभग 350 से 400 करोड़ के करीब कोल इंडिया को नुकसान हुआ. नुकसान झेलने वाली कंपनियों में सीसीएल, बीसीएल और ईसीएल प्रमुख हैं.

ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव डीडी रामानंदन ने बताया कि कोल इंडिया से सरकार को अधिक मुनाफा होता है. इसके बाद भी कैबिनेट में फैसला लिया गया गया कि कोल इंडिया में सौ प्रतिशत FDI  निवेश कर दिया जायेगा. सरकार इसे भी निजी हाथों में दे देना चाहती है. जो गलत है.

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झारखंड में लगभग 75 करोड़ का काम रुका

राज्य की प्रमुख कोल कंपनियों में सीसीएल, बीसीसीएल और ईसीएल हैं. लगभग 75 करोड़ का उत्पाद देशव्यापी हड़ताल से प्रभावित हुआ. हड़ताल में शामिल कुल कोल कर्मियों को देखें तो इनकी संख्या सीसीएल में 40 हजार और बीसीसीएल में 55 हजार है.

एनसीओईए के महासचिव आरपी सिंह ने बताया कि राज्य में सुदूर खनन क्षेत्रों में कार्य ठप है. जिसमें मगध, पिपरवार, सीडब्ल्यूएस बड़काकाना, कुजू, रजरप्पा आदि हैं. इन्होंने बताया कि ईसीएल की एक माइंस को छोड़ कर सभी माइंस बंद हैं. इस दौरान उत्पाद से लेकर डिस्पैच तक सभी प्रभावित है. इसमें पारा मेडिकल कर्मियों को हड़ताल मुक्त रखा गया.

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राजमहल से 60 कर्मी हुए गिरफ्तार

प्रदर्शन कर रहे राजमहल के 60  कर्मियों को गिरफ्तार किया गया. राजमहल की चित्रा एसपी माइंस के पास गिरफ्तारी हुई. यह माइंस ईसीएल की है. सीसीएल कार्यालय के पास सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया.

इनकी प्रमुख मांगों में कोल कंपनियों को सौ प्रतिशत FDI  करने की निर्णय सरकार वापस लेना व आठ कोल कंपनियों को मिला कर एक करना आदि हैं.

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