JharkhandLead NewsNEWSRanchiTOP SLIDER

सीएम हेमंत ने पत्नी के नाम पर गलत तरीके से आवंटित करायी 11 एकड़ जमीन: रघुवर दास

Ranchi: पूर्व सीएम रघुवर दास ने आज सीएम हेमंत सोरेन पर एक बार फिर हमला बोला है. कहा कि अबुआ राज में पूरा परिवार ही करप्शन में शामिल है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तो पहले ही अपने नाम से गलत तरीके से पत्थर खदान आवंटित कराया था. अब चान्हो प्रखंड (रांची) के बीजूपाड़ा में बरहे औद्योगिक क्षेत्र में सोहराय लाइफ प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 11 एकड़ जमीन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के नाम पर करा लिया है. मीट प्रोसेसिंग यूनिट के लिये इस जमीन का आवंटन सीएम की पत्नी के नाम पर किया गया है. अगर वह गलत कह रहे हैं तो सीएम इस मामले पर सफाई दे, क्योंकि यह मामला भ्रष्टाचार निवारण की धारा 188 (13)(2) के तहत दंडनीय अपराध है. उन्होंने कहा कि झारखंड में अबुआ राज के नाम पर राज्य में एक परिवार का शासन चल रहा है.

इसे भी पढ़ें:छत्तीसगढ़ का वो अधिकारी जिनके यहां IT RAID में मिली थी अकूत दौलत, वो है झारखंड की शराब नीति का मास्टरमाइंड

सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू और विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा पर लगाया गंभीर आरोप

रघुवर दास ने सिर्फ मुख्यमंत्री की पत्नी पर ही आरोप नहीं लगाया बल्कि सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू और विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाये. कहा कि प्रेस सलाहकार ने शिवशक्ति इंटरप्राइजेज के नाम पर साहेबगंज के पाकरिया में 11.87 एकड़ भूमि पर पत्थर खदान का लीज करा लिया है. आननफानन में खदान की लीज 8.11.2021 को स्वीकृत हुई है. सरकारी कागजों के अनुसार इस पर 90 लाख का निवेश किया गया है. उन्होंने कहा कि सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा ने महाकाल स्टोन वर्क्स के नाम पर साहेबगंज के गिला मारी मौजा में 6.35 एकड़ भूमि पर पत्थर खदान आवंटित कराया है. इस पर भी आननफानन में विभाग की तरफ से स्वीकृति प्रदान की गयी. उद्योग और खनिज विभाग, दोनों ही सीएम के पास है. ऐसे में जाहिर है कि सीएम के प्रभाव के कारण ही ये सभी आवंटन हुए हैं. उन्होंने सीएम से इस्तीफा देने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस पर वे आधिकारिक स्पष्टीकरण दें. साथ ही अभिषेक प्रसाद पिंटू और पंकज मिश्रा को अविलंब पद से हटाएं. रघुवर दास ने इन सभी मामलों पर कागजों के साथ छेड़छाड़ करने की आशंका जाहिर की है. कहा कि सरकार इन सभी मामलों की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराए.साथ ही उन्होंने कहा कि वे इस सारे मामले की जानकारी राज्यपाल को भी देंगे.

इसे भी पढ़ें:IAS पूजा सिंघल के खिलाफ हाईकोर्ट में पीआईएल

धर्मांतरण पर गंभीर सवाल

रघुवर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का काम जारी है. खासकर आदिवासी समाज की युवतियों को लव जिहाद में फंसाया जा रहा है. कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा लोहरदगा, रांची सहित संताल परगना के कई जिलों जामताड़ा, पाकुड़, दुमका, साहेबगंज और अन्य जिलों में ऐसा खूब किया जा रहा है. जनजाति समाज की युवतियों से प्रेम विवाह करके जमीन छीन रहे हैं. सरकारी संरक्षण में ऐसा हो रहा है जो दुखद और चिंतनीय है. ऐसे में जनजाति समाज के लोग अल्पसंख्यक कैटेगरी में आ जायेंगे. इससे दिखता है कि यह आदिवासी विरोधी सरकार है.

इसी तरह से उन्होंने अपने समय में जाति प्रमाण पत्र बनवाने में धर्म का कॉलम रखा था. पर मिशनरियों के दबाव में इसे 24.02.22 को हटा दिया गया. सरना धर्मावलंबियों के हितों की रक्षा हो और धर्मांतरित लोगों को दोहरा लाभ ना मिले, यह भी इसका एक उद्देश्य था. पर अब राज्य सरकार ने इसे हटा दिया है. थर्ड और फोर्थ ग्रेड की जिला स्तरीय नौकरियों को 10 साल के लिये स्थानीय, मूल वासियों के लिये तय किया गया था. इसे भी राज्य सरकार ने स्थगित कर दिया. इस प्रावधान से उनके समय में 5 साल की अवधि के दौरान शिक्षक, वन रक्षी, जेएसएससी और अन्य नौकरियों में 1 लाख से अधिक नौकरी स्थानीय लोगों को मिली थी. जल, जंगल, जमीन की बेतहाशा लूट जारी है. पानी संकट की खबरें रोज सामने आ रही हैं. सारंडा के जंगल से लेकर संताल परगना तक में लकड़ियों की तस्करी हो रही है. हजारों ट्रकों से माल बेरोक टोक इधर से उधर दौड़ रहा है. सरकारी जमीन को भी इस सरकार ने अपना मान लिया है. भ्रष्टाचार भी खूब फल फूल रहा है. प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस तक में बिना पैसा दिये फाइल आगे नहीं बढ़ रही.

Related Articles

Back to top button