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आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर लगेगी रोक, रोजगार और किसानों के मुद्दे पर सरकार गंभीर: सीएम हेमंत

Ranchi. झारखंड के लोगों को रोजगार, किसानों के मुद्दे, नियुक्ति प्रक्रिया में आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक सहित लंबे समय से चले आ रही सरना धर्म कोड की मांग को लेकर मुख्यमंत्री ने रास्ता साफ कर दिया है. मानसून सत्र के अंतिम दिन सीएम ने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आज राज्य भुगत रहा है. लेकिन उनकी सरकार इन समस्याओं को समाधान करेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह बयान इस मायने से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उनके चुनावी वादों का संबंध सीधा जुड़ाव उपरोक्त बातों से है.

पूर्व की तरह विवादों वाली नहीं होगी बहाली

अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में हेमंत सोरेन ने घोषणा कर दी कि पूरी तरह से ठोक-बजाकर सरकार रोजगार देगी. उनकी सरकार में कोई भी रोजगार पूर्ववर्ती सरकार की तरह विवादों वाली नहीं रहेगी. उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी को निर्देश दिया है कि बिना किसी विवादों के वह परीक्षा आयोजित करें. सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विधानसभा चुनाव के पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा था कि उनकी सरकार हर साल आयोग की परीक्षा लेगी. हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है.

 

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बड़े वर्ग की मांग है सरना धर्म कोड, सरकार भी सहमत

सरना धर्म कोड को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि यह राज्य के एक बड़े वर्ग की मांग है. सरकार भी इस मांग से सहमत है. उनकी सरकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले सरना धर्म कोड के प्रस्ताव को केंद्र के पास जरूर भेजेगी. बात दें कि झारखंड के सरना आदिवासी इस मांग को लेकर कई सालों से संघर्ष कर रहे हैं. वो मांग कर रहे हैं कि जनगणना में उनके आगे हिंदू न लिखा जाए. उनका साफ कहना है कि हिंदू धर्म से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उनका धर्म सरना है. हेमंत सरकार के पहले विभिन्न सरकारों में विधायकों ने धर्म कोड को लागू करने की मांग करते रहे हैं.

आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद करने से नहीं मारा जाएगा हक

झारखंडी युवा-युवतियों के अधिकारों की बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभाग अंतर्गत नियुक्ति प्रक्रिया में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करने की बात की है. उन्होंने कहा है कि इसके जरिये विभागों की रिक्तियों को भरा जा रहा है, उससे राज्य को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है. हेमंत ने कहा कि आउटसोर्सिंग प्रकिया को बंद करने के बाद जहां राजस्व को काफी फायदा होगा, वहीं, झारखंडी लोगों के हक को भी नहीं मारा जा सकेगा.

किसानों के मुद्दें पर सरकार है गंभीर

मोदी सरकार द्वारा लए गए कृषि नीति को किसानों के लिए गलत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे झारखंड के किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा. दूसरी तरफ उनकी सरकार किसानों के मुद्दे पर काफी गंभीर है. सरकार अभी कृषि विभाग में पूरजोर तरीके ध्यान दे रही है, ताकि कृषि पर निर्भर लोगों को मजबूती मिल सके. बता दें कि गठबंधन दलों ने पहले ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने की बात पहले ही की है. इसमें सबसे प्रमुख मुद्दा किसानों की ऋण माफी का है.

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