
Ranchi: भारत सरकार ने कोरोना संकट के दौरान आर्थिक संकट को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले की जद में केंद्र सरकार के कर्मी आते हैं. केंद्र सरकार के अंतर्गत करीब 35 लाख कर्मचारी और अधिकारी हैं. सरकार ने फैसला लिया है कि केंद्रीय कर्मियों और केंद्र सरकार के पेंशनधारियों को उन्हें मिलने वाला महंगाई भत्ता नहीं दिया जायेगा.
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तीन किस्तों की भत्ते पर लगायी गयी है रोक
सरकार ने एक जनवरी 2020 से एक जुलाई 2020, एक जुलाई 2020 से एक जनवरी 2021 और एक जनवरी 2021 से एक जुलाई 2021 तक यानी तीन किस्त महंगाई भत्ता देने पर रोक लगा दी है. ऐसे में इन्हें 18 महीने का महंगाई भत्ता नहीं मिलेगा. ऐसा आने वाले दिनों के आर्थिक संकट को देखते हुए किया जा रहा है.
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि एक सीनियर केंद्र सरकार के अधिकारी को 18 महीने महंगाई भत्ता ना दिया जाये तो उसे करीब 2.5 लाख रुपए का नुकसान हो सकता है. केंद्र सरकार हर छह महीने पर केंद्रीय कर्मियों के महंगाई भत्ते में चार फीसदी की बढ़ोतरी करती थी. इसका भी नुकसान केंद्रीय कर्मियों को भुगतना पड़ेगा.
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देश में बढ़ रहे हैं कोरोना के केस
यहां बता दें कि देश में लगातार कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में कोविड-19 के मामले गुरुवार को बढ़कर 21,393 हो गये और मरने वालों की संख्या 681 हो गयी.
उसने बताया कि देश में अब 16,454 लोगों का इलाज चल रहा है. वहीं 4,257 लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गयी और एक अपने देश लौट गया. जबकि देश के कुल कोरोना मामलों में 77 विदेशी नागरिक हैं.
सबसे अधिक मौतें महाराष्ट्र से
मंत्रालय ने बताया कि बुधवार शाम से वायरस से संक्रमित 29 लोगों की जान गयी, जिसमें से 18 महाराष्ट्र, आठ गुजरात, दो राजस्थान और दिल्ली का एक मामला है.
इन मारे गए 681 लोगों में से अब तक सबसे अधिक 269 मौतें महाराष्ट्र में हुई है. इसके बाद, गुजरात में 103 मध्य प्रदेश में 83, दिल्ली में 48, राजस्थान में 27, आंध्र प्रदेश में 24 और तेलंगाना में 23 लोगों की मौत हुई है. उत्तर प्रदेश में मृतक संख्या 21 और तमिलनाडु में 18 , कर्नाटक में 17, पंजाब में 16 और पश्चिम बंगाल में 15 है.
बीमारी के चलते जम्मू-कश्मीर में पांच जबकि केरल, झारखंड और हरियाणा में तीन-तीन मौत हुई है. बिहार में दो जबकि मेघालय, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और असम में एक-एक मौत हुई है.
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