
- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का लक्ष्य पूरा, हिसाब-किताब बाकी
Ranchi : 12 वीं प्लान के तहत राज्य में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतिकरण योजना का काम पूरा हो गया है. अब जेबीवीएनएल इस योजना को बंद करने वाली है. योजना की कुल राशि 1200 करोड़ की है.
जिसके तहत 10 हजार 417 गांवों में विद्युतिकरण किया गया. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतिकरण योजना केंद्र सरकार की है. जिसके तहत राज्य में जेबीवीएनएल काम कर रही थी. 2016 से इस योजना पर काम किया गया.
अब राज्य के इन सभी गांवों में विद्युतिकरण पूरी हो गयी. केंद्रीय उर्जा मंत्रालय की ओर से जबीवीएनएल को इस संबध में पत्राचार किया गया है. जिसमें योजना की पूरी होने समेत एजेंसियों की सारी जानकारी मांगी गयी है.
जेबीवीएनएल की ओर से एजेंसियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया है. बता दें योजना पूरी होने के बाद जेबीवीएनएल को एजेंसियों की ओर से बिल, संसाधन समेत अन्य जानकारी दी जायेगी.
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दो जगहों में काम रूका
केंद्र सरकार की यह योजना 1200 करोड़ की थी. जिसके लिये 10 हजार 417 गांवों में विद्युतिकरण का लक्ष्य रखा गया. जेबीवीएनएल से जानकारी मिली की इस योजना के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है. योजना के तहत 11 सब स्टेशन बनाये जाने थे.
जिसमें से जामताड़ा में एक सब स्टेशन नहीं शुरू हुआ है. जबकि आधारभूत संरचना बन कर तैयार है. वहीं 33 केबी लाइन की तीन ट्रासंमिशन लाइनों को हजारीबाग में शुरू नहीं किया गया है. लाइनें फॉरेस्ट क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण पूरा नहीं हुआ है.
पांच एजेंसियों को दिया गया है काम: योजना राज्य में 2016 से चल रही है. जिसमें श्री गोपी कृष्णा हैदराबाद की एजेंसी. किशोर इंफ्रा, एनबील केबल झारखंड, टेक्नो पावर कलकत्ता की एजेंसी है. 2016 के पहले योजना का नाम राजीब गांधी दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतिकरण येाजना था.
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