
Jamshedpur : डायन प्रथा के खिलाफ अभियान चलाने वाली सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया बीरबांस इलाके की रहने वाली छुटनी महतो को 9 नवंबर को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. उसे अवार्ड देने की घोषणा दो माह पूर्व ही की गई थी. छुटनी महतो की उम्र 62 साल है.
महतानडीह में हुई है शादी
छुटनी महतो की शादी महतांडडीह गांव में हुई थी. 12 साल की उम्र में हगी उसकी शादी शादी धनंजय महतो के साथ हुई थी. उसके तीन बच्चे हैं. दो सितंबर 1995 को उसके पड़ोसी भोजहरी की बेटी बीमार हो गयी थी.लोगों ने छुटनी पर ही टोना-टोटका का आरोप लगाया और दुष्कर्म करने का भी प्रयास किया गया था.
पंचायत में लगाया था 500 का जुर्माना
छुटनी महतो मामले को लेकर पंचायत में गई थी और 500 रुपये का जुर्माना आरोपियों पर लगाया गया था. इसके बाद गांव के लोगों ने ओझा-गुनी को बुलाकर उसे मल-मूत्र भी पिलाने की कोशिश की गई थी. नहीं पीने पर उसे मल पर ही फेक दिया गया था.
जब गांव से ही निकाल दी गई
छुटनी को डायन करार दिए जाने के बाद उसे चार बच्चों के साथ गांव के लोगों ने गांव से ही निकाल दिया था. बाद में थाने में पहुंची और दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद उसके भाइयों ने उसे जमीन दिया था और वह वहीं पर मकान बनाकर रह रही है. आज छुटनी ने अपनी अलग पहचान बना ली है. घर के पास ही एक कार्यालय खोलकर डायन प्रथा के विरोध में काम करती है. अब लोग उसे मानते भी हैं.
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