
New Delhi: चीनी गिदड़भभकी को नजरअंदाज कर अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी मंगलवार को ताइवान पहुंच गई है. पेलोसी के पहुंचने के बाद ताइवान के मुद्दे पर चीन व अमेरिका के बीच तनातनी और बढ़ गई है. पेलोसी ने मीडिया से चर्चा में ताइवान की सरकार व जनता से कहा कि उनकी यात्रा मानवाधिकारों की रक्षा, अनुचित व्यापार परंपराओं का विरोध और सुरक्षा को लेकर है.
चीन ने पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर अमेरिका को गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी. पेलोसी इस धमकी को नजरअंदाज कर एक दिनी यात्रा पर वहां पहुंचीं. पिछले 25 साल में इस स्वतंत्र द्वीप की यात्रा करने वाली पेलोसी अमेरिका की पहली बड़ी नेता हैं. उनकी यात्रा के विरोध में चीन ने ताइवान में अपने लड़ाकू विमान उड़ाकर अमेरिका को ताकत दिखाने का प्रयास किया, लेकिन महाशक्ति देश ने उसे नजरअंदाज कर दिया. बताया जाता है कि पेलोसी के ताइवान पहुंचने के बाद 21 चीन लड़ाकू विमान ताइवान के क्षेत्र उड़ रहे थे.
रक्षा मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा, 21 पीएलए विमान (आठ पीएलए जे-11, 10 जे-16, केजे-500 एईडब्ल्यू एंड सी, वाई-9 ईडब्ल्यू और वाई-8 ईएलआईएनटी) ने दो अगस्त, 2022 को ताइवान के दक्षिण-पश्चिम वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया. ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन के सैन्य विमानों के जवाब में, ताइवान ने हवाई गश्ती अभियान शुरू किया है. रेडियो चेतावनी भेजी गई है और चीनी सैन्य विमानों को ट्रैक करने के लिए रक्षा मिसाइल प्रणालियों को तैनात किया गया है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, नैंसी का दौरा अमेरिका से द्विपक्षीय रिश्तों पर गंभीर प्रभाव डालेगा. इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता भी प्रभावित होगी. दौरे का जवाब देने के लिए चीनी सेना लक्षित अभियानों की शृंखला चलाएगी. यह एक चीन नीति और तीन सहमतियों का गंभीर उल्लंघन है. इससे क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व भी गंभीर रूप से प्रभावित होंगे.




