
Jamshedpur: जमशेदपुर अधिसुचित क्षेत्र समिति, जेएनएसी भी लापरवाही करने में किसी से पीछे नहीं है. बीते एक महीने से जेएनएसी के भवन का रंग- रोगन हो रहा है. सीमेंट के फ्लोर को टाइल्स में बदला जा रहा है. अधिकारियो के कमरों को नए लुक में डिजाइन करने का काम चल रहा है.
सभी दफ्तरों में नई टेबल, कुर्सी और पंखे की जगह एसी लगाने की योजना है. लेकिन ये सब कैसे हो रहा है, इसके बारे में कोई कुछ नहीं जानता. जबकि नियम के मुताबिक सरकारी कार्यालयों में ये काम टेंडर के जरिए होता है. ताकि किफायती दर में काम हो सके. लेकिन यहां न तो कोई टेंडर हुआ है और न ही एसी कोई प्रक्रिया अपनाई गई है जिससे सरकार को लाखो का नुकसान होगा. 15 लाख के नुकसान का अनुमान है.
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मानगो बस पड़ाव के टेंडर में नहीं बढ़ी राशि
मानगो बस पड़ाव के लिए इस साल बंदोबस्ती की राशि में कोई इजाफा नहीं किया गया. बीते साल जुलाई में 1 करोड़ 97 लाख 15 हजार रुपए की राशि जेएनएसी ने वसूली थी. नियम के मुताबिक हर साल 10 फीसदी का इजाफा कर नया टेंडर होना है. लेकिन इस साल भी बंदोबस्ती राशि 1 करोड़ 97 लाख 15 हजार रखी गयी है.
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पुराने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की कोशिश
नाम न लिखने की शर्त पर एक ठेकेदार का कहना था कि ये सारा खेल पुराने ठेकेदार को दोबारा से टेंडर देने के लिए किया गया है. बीते साल राधवेंद्र प्रताप सिंह ने 1 करोड़ 97 लाख 15 हजार की बोली लगा कर बंदोबस्ती ली थी. इस साल भी तीन लोगों ने फार्म खरीदा है जिसमें से एक ने फार्म जमा नहीं किया. अब दो लोग ही बचे हैं.
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