Education & CareerKhas-KhabarRanchi

चांसलर पोर्टल: एडमिशन ओपेन होते ही परेशानी शुरू, न सही नोटिफिकेशन और न ही मिल रही सब्जेक्ट कांबिनेशन की जानकारी

Ranchi : राज्य के सभी स्टेट यूनिवर्सिटी और उनके कॉलेजों में धीरे-धीरे नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है. बीते शैक्षणिक सत्र की तरह इस बार भी नामांकन चांसलर पोर्टल के माध्यम से ही लिया जा रहा है. लेकिन बड़ी राशि खर्च कर तैयार किया गया चांसलर पोर्टल सफेद हाथी साबित हो रहा है.

इसमें नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही कई तरह की समस्याएं स्टूडेंट्स को होने लगी हैं. चांसलर पोर्टल पर न तो कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एडमिशन से संबंधित नोटिफिकेशन मिल रहा है और न ही कॉलेजों में सब्जेक्ट्स की जानकारी ही मिल रही है.

इसे भी पढ़ें –सावधान मुंबई : ना निकलें घर से बाहर, कई इलाके जलमग्न, दोपहर में हाईटाइड का अलर्ट

रजिस्ट्रेशन से ही हो रही परेशानी

नामांकन को इच्छुक स्टूडेंट्स ने बताया कि कॉलेज और कोर्स सेलेक्शन की बात तो दूर, चांसलर पोर्टल में रजिस्ट्रेशन में ही परेशानी हो रही है. एक बार में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी ही नहीं हो पाती है. इसके अलावा चांसलर पोर्टल के नोटिफिकेशन सेक्शन में जाकर अगर यह देखने की कोशिश करें कि किस यूनिवर्सिटी में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई या नहीं, तो वहां भी गलत जानकारी ही मिल रही है.

राज्य में आठ स्टेट यूनिवर्सिटी है. लेकिन पोर्टल के नोटिफिकेशन सेक्शन में केवल चार यूनिवर्सिटी की ही जानकारी दी गयी है. वहीं कोई भी स्टूडेंट्स किसी भी यूनिवर्सिटी का नोटिफिकेशन खोलता है तो जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज का ही एडमिशन नोटिफिकेशन दिखता है.

इसके अलावा किस कॉलेज में किस-किस तरह के कोर्स उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी भी आधी-अधूरी ही दी गयी है. रांची विवि में 14 कंसीच्यूएंट कॉलेज, 17 एफलिएटेड कॉलेज के अलावा माइनोरिटी कॉलेज हैं. पोर्टल पर इन कॉलेजों में एडमिशन की पूरी जानकारी ही नहीं है. किसी कॉलेज में कॉमर्स की जानकारी उपलब्ध है तो किसी में केवल साइंस की.

हर साल होती है परेशानी, फिर भी नहीं हो रहा सुधार

चांसलर पोर्टल से नामांकन प्रक्रिया में हो रही परेशानी कोई नयी परेशानी नहीं है. हर साल तकनीकी परेशानी से स्टूडेंट्स को सामना करना पड़ता है. गौरतलब है कि राज्य के सभी विवि और कॉलेजों में चांसलर पोर्टल से एकेडमिक ईयर 2018 से नामांकन लिया जा रहा है. चांसलर पोर्टल से नामांकन के लिए तकनीकी जिम्मेदारी एनआइसी को मिली है.

उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से एनआइसी ने विवि, कॉलेज, विभिन्न कोर्स से लेकर नामांकन के लिए मेरिट लिस्ट का डेटा तैयार किया है.

इसे भी पढ़ें –क्या आपको सच पता है ! लोगों के पास पैसे नहीं है, फिर शेयर बाजार कैसे चढ़ रहा है?

5 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button