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Chaibasa : बच्चे को पुरस्कार में मिला लैपटॉप टीचर ने रख लिया, वार्ड मेंबर ने किया ट्वीट तो थानेदार ने घर से उठाया, थाने लाकर पीटा

सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत प्लस टू उच्च विद्यालय कुमारडुंगी के नौंवी कक्षा के छात्र को मिला था लैपटॉप, थानेदार ने कहा- झूठी शिकायत की, एसपी ने जांच बैठायी

Chaibasa : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नौंवी कक्षा के एक बच्चे को पुलिस से पुरस्कार में मिला लैपटॉप टीचर ने रख लिया. पुरस्कार वापस दिलाने के लिए जब वार्ड मेंबर ने पुलिस का आला अधिकारियों को ट्वीट किया, तो इससे नाराज स्थानीय थाने की पुलिस ने उसे घर से उठा लिया. थाने लाकर उसकी पिटाई की गयी. युवक द्वारा मामले की शिकायत करने पर जिले के एसपी अजय लिंडा ने जांच के आदेश दिये हैं. डीएसपी स्तर के एक अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है. युवक के साथ मारपीट करने का आरोप कुमारडुंगी की थाना प्रभारी अंकिता सिंह व एएसआइ प्रकाश कुमार पर लगा है. पीड़ित युवक रमेश बेहरा लखीमपोसी गांव का रहने वाला है. थाना प्रभारी ने युवक के आरोप को गलत बताया है, जबकि रमेश बेहरा ने अपने आरोप के समर्थन में थाना प्रभारी व एएसआइ के साथ फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग दी की है.

 

 

यह है पूरा मामला

 

गौरतलब है कि राज्य के डीजीपी के निर्देश पर एक अनोखी पहल अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग का कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इस योजना के तहत झींकपानी सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत प्लस टू उच्च विद्यालय कुमारडुंगी के एक विद्यार्थी होलिन बेहरा को पुलिस की तरफ से लैपटॉप दिया गया था. रमेश होलिन का पड़ोसी होने के साथ इलाके का वार्ड सदस्य है. रमेश ने चाईबासा पुलिस को ट्वीट कर लिखा कि सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम में होलिन बेहरा को पुरस्कार में दिया गया लैपटॉप स्कूल के टीचर ने रख लिया है. इससे विद्यार्थी नाराज हैं और होलिन का पुरस्कार उसे वापस दिलाया जाये. रमेश का आरोप है कि ट्वीट करने के बाद कुमारडुंगी थाने से उसे अपना ट्वीट जल्दी डिलीट करने को कहा गया. उसे धमकी देकर थाने बुलाया गया. रमेश बेहरा के अनुसार उसने उस दिन कोरोना की वैक्सीन ली थी, इसलिए वह थाना प्रभारी और एएसआइ के फोन के बाद भी थाने नहीं पहुंचा. लिखित शिकायत में कहा गया है कि इससे नाराज होकर पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा और उसे उठाकर थाने लायी. वहां उसके साथ मारपीट की गयी. उसे नौवीं कक्षा के एक बच्चे की मदद करने की सजा दी गयी.

ट्विटर पर गलत जानकारी दी : थाना प्रभारी  

कुमारडुंगी थाना प्रभारी अंकिता ने इस संबंध में बताया कि वार्ड मेंबर ने ट्विटर पर गलत जानकारी दी थी. जिस शिक्षक पर बच्चे का लैपटॉप रखने का आरोप लगाया जा रहा है, उसने उस लैपटाप को स्कूल में लगवा दिया था, ताकि सभी बच्चों को उसका लाभ मिले. हकीकत और शिकायत में बहुत अंतर था. इसलिए रमेश बेहरा को ट्वीट हटाने के लिए कहा गया. थाना प्रभारी ने कहा कि युवक को केवल थाने बुलाकर समझाया गया. किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गयी.

जांच के आदेश दिये हैं : पुलिस अधीक्षक  

पश्चिमी सिंहभूम के  पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा ने कहा कि युवक की शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी से जानकारी ली गयी.  उनका कहना है कि रमेश के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की गयीहै. केवल समझाया गया है. हालांकि उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है.

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