
Ranchi: अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिये आकस्मिक अवकाश लेने की ऑफलाइन व्यवस्था करने की मांग की है. संघ का कहना है कि वर्तमान परिस्थिति में यही व्यवस्था बेहतर है. प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षकों को ऑनलाइन अवकाश लेने में काफी कठिनाई हो रही है. संघ के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि राज्यय के प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षकों को आकाश लेने की ऑनलाइन व्यवस्था ई-विद्या वाहिनी के माध्यम से की गई है. इसमें काफी त्रुटि और खामियां है. इस व्यवस्था से शिक्षकों को छुट्टी लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
अधिकतर शिक्षक मोबाइल और कंप्यूटर चलाने में दक्ष नहीं
अधिकतर शिक्षक मोबाइल और कंप्यूटर चलाने में दक्ष नहीं है. इस परिस्थिति में ऑनलाइन कार्यों का निपटारा करना उनके लिए बेहद कठिन है. विभाग द्वारा जो भी कार्य ऑनलाइन दिया जाता है, उसे किसी कैफे द्वारा ही कराया जाता है. परिणामस्वरूप समय और विद्यालय के अति महत्वपूर्ण गोपनीय डाटा सार्वजनिक हो जाते हैं. सहायक शिक्षकों द्वारा किसी भी तरह का अवकाश कैसे लिया जाए और प्रधान शिक्षक के प्रधानाध्यापक द्वारा कैसे अवकाश की मंजूरी की जाए, इस तकनीकी पहलुओं की जानकारी अभी तक विभाग ने नहीं दी है. इसके लिए सर्वप्रथम जिला प्रखंड और सीआरसी स्तर पर कार्यशाला होनी चाहिए. ऑनलाइन अवकाश लेने के पूर्व में ऑफलाइन से ली गई छुट्टी की संख्या दर्ज करने का विकल्प नहीं होने के कारण कुल छुट्टी की संख्या में फर्क हो रहा है.
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन अवकाश लेने का भी प्रावधान होना चाहिए
किसी छुट्टी दिवस में कार्य किए जाने पर उस अवधि का क्षतिपूरक अवकाश देय है. ई-विद्या वाहिनी में इस अवकाश का विकल्प मौजूद नहीं है. शनिवार से सोमवार तक कुल 2 कार्य दिवस में 2 दिनों की अवकाश लेने पर ऑनलाइन में कुल छुट्टी दिवस में 3 दिन की गिनती की जा रही है, जबकि रविवार को राजपत्रित अवकाश होता है. वेबसाईट की खामी के कारण यह समस्या आ रही है. विशेष परिस्थिति में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन अवकाश लेने का भी प्रावधान होना चाहिए, जो ई-विद्या वाहिनी में नहीं है. किसी शिक्षक के आकस्मिक अवकाश लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर अवकाश की गणना हो जाती, परंतु किसी कारण उसे अवकाश का उपभोग नहीं करना है तो घटाई गई छुट्टी वापस करने की कोई व्यवस्था नहीं है.
अपलोड किए गए आवेदन देखने का शिक्षक, हेडमास्टर या अधिकारी के पास कोई सुविधा नहीं
अवकाश लेने के लिए अपलोड किए गए आवेदन देखने का शिक्षक, हेडमास्टर या अधिकारी के पास कोई सुविधा नहीं है. आकस्मिक अवकाश ऑनलाइन जरूरत पड़ने पर कभी भी अपलोड किया जा सकता है, परंतु जरूरी नहीं कि स्वीकृत करने वाला हेडमास्टर या अधिकारी उसी समय ऑनलाइन रहकर अप्रूव कर सके. ऐसे में सहायक शिक्षक द्वारा हेडमास्टर को और हेडमास्टर द्वारा अधिकारी को फोन करके आवदेन देने की सूचना एक अतिरिक्त बोझ है. यह अवकाश लेने बड़ी बाधा है, जो ऑनलाइन अवकाश लेने में कारगार सिद्ध नहीं होगी.
इसे भी पढ़ें: राजस्थान के मेवात में गोहत्या के नाम पर हुई घटना में पुलिस की भूमिका की जांच करे सरकार: सीपीआइएम




