
NewDelhi : चीन के दिग्गज कारोबारी जैक मा का Ant Group अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आ रहा है. इसे लेकर निवेशकों में गजब का उत्साह है. खबर है कि एंट ग्रुप (Ant Group) को हांगकांग और शंघाई में दोहरी सूचीबद्धता के लिए व्यक्तिगत निवेशकों से तीन ट्रिलियन डॉलर के ऑर्डर मिले हैं, जिसे पिछले साल ब्रिटेन की जीडीपी के बराबर बताया गया है.
जानकारी के अनुसार हांगकांग में आईपीओ की बिडिंग इतनी जबरदस्त थी कि एक ब्रोकरेज के प्लेटफॉर्म को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा. उस पर ऑर्डर्स की सूनामी आ गयी थी. बता दें कि शंघाई में रीटेल कैटगरी में मांग सप्लाई से 870 गुना अधिक रही.
खबर है कि बार्कलेज, आईसीबीसी इंटरनेशनल और बैंक ऑफ चाइना इंटरनेशनल इसके बुक-रनर्स हैं. हॉन्गकॉन्ग में सीआईसीसी, सिटी ग्रुप, जेपी मॉर्गन और मॉर्गन स्टेनली इसे स्पॉन्सर कर रहे हैं. इसी तरह, शंघाई में सीआईसीसी और चाइना सिक्योरिटीज इसे स्पॉन्सर कर रहे हैं
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35 अरब डॉलर के आईपीओ में सभी खरीदारों को शेयरों का आवंटन संभव नहीं
विश्लेषकों के अनुसार लगभग 35 अरब डॉलर के आईपीओ में सभी खरीदारों को शेयरों का आवंटन मिलना मुश्किल है. Ant Group के 5 नवंबर को सूचीबद्ध होने की संभावना है और माना जा रहा है कि उस दिन निवेशकों की जमकर कमाई होगी. यही वजह है कि हर कोई शेयर पाना चाहता है.
हालांकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसमें भारी जोखिम है क्योंकि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव, चीन में नियमों में सख्ती और दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों से निवेशकों को नुकसान हो सकता है.
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सबसे बड़ा आईपीओ
एंट के शेयरों से निवेशकों की चांदी होगी या नहीं यह तो समय बतायेगा, लेकिन इतना यह है कि आईपीओ के जरिये लोगों ने इस फिनटेक कंपनी के भविष्य में विश्वास जताया है. इससे पहले सऊदी अरामको ने आईपीओ के 2019 में 29.4 अरब डॉलर जुटाए थे और अब तक उसका आईपीओ ही दुनिया का सबसे बड़ा माना जाता है.
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