West Bengal

कोरोना का सामना करने के लिए बंगाल में होनी चाहिए सेंट्रल फोर्स की तैनाती : भाजपा

Kolkata :  कोरोना को लेकर भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है. अब बंगाल भाजपा ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ की उस मांग का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने बंगाल में लॉकडाउन के प्रावधानों को लागू करने के लिए सेंट्रल फोर्स की तैनाती का संकेत दिया गया था. पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार विशेष समुदाय की बहुलता वाले क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन नहीं करा रही है.

ऐसे में महामारी से बचाव के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग बिल्कुल जायज है. सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम एक खुली चिट्ठी लिखी थी जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन कराने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की थी. भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने भी बंगाल में लॉकडाउन के पालन के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग का समर्थन किया है.

इसे भी पढ़ेंः 5 हों या 10 लाख प्रवासी मजदूर, मोबाइल एप की मदद से अगले एक सप्ताह में मिलेगी आर्थिक मदद : हेमंत

राज्यपाल पहले ही कर चुके हैं मांग

उन्होंने हुगली जिले के चंदननगर क्षेत्र अंतर्गत गोंदलपाड़ा इलाके में जूट श्रमिकों के बीच राहत सामग्रियां वितरित की. इस दौरान लॉकेट ने कहा कि राज्यपाल द्वारा बंगाल में लॉकडाउन का पालन कराने के लिए अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग बिल्कुल जायज है. मैं इसका समर्थन करती हूं. लॉकेट ने कहा कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों जैसे राजाबाजार, मटियाबुर्ज, नारकेलडांगा और गार्डनरिच आदि इलाकों में लॉकडाउन का पालन बिल्कुल नहीं हो रहा. बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है.

और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का दबाव है. गार्डनरिच में पुलिस पर हमले किए गए. इसलिए इन क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन कराना राज्य प्रशासन के बस की बात नहीं है और अर्द्धसैनिक  बलों की तैनाती तत्काल की जानी चाहिए.

इसे भी पढ़ेंः #FightAgainstCorona : धनबाद के कुमारधुबी में कोरोना संदिग्ध मिलने से पुलिस हुई रेस, एसएसपी और ग्रामीण एसपी ने बॉर्डर क्षेत्र का लिया जायजा

सही जानकारी नहीं दे रही हैं मुख्यमंत्री

लॉकेट ने कहा कि बंगाल में कितने लोगों की मौत कोरोना से हुई है अथवा कितने लोग पीड़ित हैं, इसकी सही जानकारी ममता बनर्जी की सरकार नहीं दे रही है. उन इलाकों की भी पहचान उजागर नहीं होने दी जा रही जहां हॉटस्पॉट हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के लिए राहत पैकेज दिया है. निशुल्क चावल, गेहूं, दाल आदि भेजे गए हैं.

लेकिन राज्य में इसे वितरित नहीं किया जा रहा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जो राशन भेजे जा रहे हैं, उसे तृणमूल कांग्रेस के नेता, मंत्री, पार्षदों को दे दिया जाता है और उसे पार्टी की ओर से मुफ्त राहत सामग्री बताकर लोगों के बीच बांटा जा रहा है. यह राज्य के संघीय व्यवस्था का उपहास है. उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन की वजह से गोंदलपाड़ा जूट मिल बंद है. इसमें काम करने वाले करीब ढाई सौ श्रमिकों के परिवारों के करीब 10 हजार लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं.

इसे भी पढ़ेंः गढ़वा: महुआ चुनने गयी दो नाबालिग किशोरियों से दुष्कर्म, आरोपी भी नाबालिग- मामला दर्ज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button