
New Delhi: दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2020 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि जब तक आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश हैं, तब तक हमें इस खतरे का सामना करते रहना होगा.
Chief of Defence Staff (CDS) General Bipin Rawat, at Raisina Dialogue 2020, in Delhi: The war on terror is not ending, it is something which is going to continue, we will have to live with it, until we understand and get to the roots of terrorism pic.twitter.com/DKp8J9hBCU
— ANI (@ANI) January 16, 2020
हमें इससे निर्णायक ढंग से निपटना होगा. अगर हमें ऐसा लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म होने वाली है, तो हम गलत हैं.
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प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा कि ऐसे लोग साथी नहीं हो सकते जो आतंकवाद पर वैश्विक युद्ध में भागीदारी कर रहे हों और आतंकवाद को प्रायोजित भी कर रहे हों. .आतंकवाद प्रयोजित करने वाले देशों को राजनयिक स्तर पर अलग-थलग करना चाहिए, आतंकवाद के प्रायोजक किसी भी देश को जवाबदेह ठहराना होगा.
CDS: You have to come to a peace deal with everybody (in Afghanistan), if you’ve to come to a peace deal with them you’ve to go for negotiated peace. Taliban or whichever org is contemplating terror has to give up that weapon of terror, they must come to the political mainstream. https://t.co/xogCMQ5zHv pic.twitter.com/CaB5CacwWY
— ANI (@ANI) January 16, 2020
जनरल रावत ने तालिबान के साथ बातचीत पर कहा कि आपको सभी के साथ शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए लेकिन इस शर्त पर कि आपको आतंकवाद छोड़ना होगा. अगर हम सही लोगों को निशाना बनाएं तो ऑनलाइन कट्टरता खत्म कर सकते हैं, हमें कट्टर विचारधारा से निपटना होगा.
आतंकवाद के प्रायोजक देशों को जवाबदेह ठहराना होगा- रावत
‘रायसीना डायलॉग’ को संबोधित करते हुए जनरल रावत ने यह भी कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए बेहद कड़ा रुख अपनाने की जरूरत है, उसी तरह जिस तरह 9/11 आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की थी.
Chief of Defence Staff: We’ve to bring an end to terrorism & that can only happen the way Americans started after 9/11, they said let’s go on a spree on global war on terror. To do that you have to isolate the terrorists,anybody who is sponsoring terrorism has to be taken to task https://t.co/lpFjgn7ayj pic.twitter.com/6ahRvbOg8z
— ANI (@ANI) January 16, 2020
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परोक्ष रूप से पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘जब तक आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश हैं, तब तक हमें इस खतरे का सामना करते रहना होगा. हमें इससे निर्णायक ढंग से निपटना होगा और इसकी जड़ पर वार करना होगा.’
जनरल रावत ने कहा, ‘‘ अगर हमें लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध खत्म होने वाला है, तो हम गलत हैं. आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश आतंकी तंत्र के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का हिस्सा नहीं हो सकते. ’’
Chief of Defence Staff (CDS) General Bipin Rawat: CDS is the first among equals but he has got clear and well defined responsibilities. While he is the first among equals, he has some authority over the three service chiefs except on operational issues. pic.twitter.com/NgbuPnsDp7
— ANI (@ANI) January 16, 2020
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने कट्टरवाद पर लगाम कसने के बारे में कहा कि सही लोगों को निशाना बनाकर यह किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कट्टरवादी विचारधारा से निपटने की जरूरत है.
तालिबान के साथ बातचीत का समर्थन करने के सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि सभी के साथ शांतिवार्ता शुरू करना चाहिए लेकिन इस शर्त पर कि वे आतंकवाद को छोड़ें.
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