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ईडी के गवाह पर सीसीए का मामलाः बिना सोचे-समझे मंत्री ने दिया सीसीए लगाने का निर्देश, तत्कालीन गृह सचिव की कार्यशैली पर कोर्ट ने उठाया सवाल

Ranchi: अदालत के दो फैसलों ने सराकर की मुश्किलें बढ़ा दी है. दोनों मामलों में सरकार को बैकफुट पर जाना पड़ा है. पहला मामला जय प्रकाश यादव उर्फ मुंगेरी यादव का है और दूसरा मामला अशोक यादव का है. अशोक यादव के मामले में कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, वो काफी गंभीर है. कोर्ट ने सरकार के साथ ब्यूरोक्रेसी को भी आड़े हाथों लिया है. कोर्ट का फैसला ऐसा पहले कभी सरकार के खिलाफ शायद ही आया हो. कोर्ट के ऑर्डर में यह साफ कहा गया है कि गृह विभाग के मंत्री (जो राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं) उन्होंने बिना सोचे समझे सीसीए लगाने पर फैसला लिया. साथ ही कोर्ट ने तत्कालीन विभागीय सचिव की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. इसके अलावा हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि तत्कालीन विभागीय गृह सचिव पर सरकार कार्रवाई करे. अब ऐसा होगा या नहीं यह बताना मुश्किल है.

ईडी के गवाह पर सीसीए का मामला

झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ईडी के गवाह अशोक यादव पर लगे सीसीए को अवैध करार देते हुए रिहा करने का आदेश दिया. जस्टिश चंद्रशेखर ओर जस्टिश रत्नाकर भेंगरा के बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए तल्ख टिप्पणी की है. बेंच ने तत्कालीन गृह सचिव पर विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया है. अशोक यादव को सीसीए के तहत पिछले साल सीसीए लगा दिया था. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने उसके निवेदन पर विचार करने में 50 दिनों की देरी की, जो कि गलत है.

संथाल क्षेत्र में 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में ईडी ने जिस अशोक यादव को अपना गवाह बनाया था, उसे साहिबगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर न सिर्फ जेल भेजा था, बल्कि झारखंड सरकार से उसपर सीसीए की अनुशंसा की थी और सीसीए लगवा भी दिया. अशोक यादव साहिबगंज के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सकरीगली पोस्ट स्थित समदा नाला का निवासी है. साहिबगंज के उपायुक्त व एसपी की अनुशंसा पर गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अशोक यादव को 15 दिसंबर तक के लिए क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) के तहत निरुद्ध कर दिया था.

बता दें कि तीन दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीसीए में साहिबगंज जेल में बंद पत्थर व्यवसायी व अवैध खनन मामले में ईडी के गवाह जयप्रकाश यादव उर्फ मुंगेरी यादव को रिहा किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मुंगरी को शाम 5 बजे तक जेल से रिहा कर सूचित करें. सुप्रीम के जजों के बेंच ने माना कि सीसीए द्वेषपूर्ण था और इसे खारिज कर दिया.

मुंगेरी यादव का करीबी है अशोक यादव

अशोक यादव पंकज मिश्रा के प्रतिद्वंद्वी मुंगेरी यादव का करीबी है. साहिबगंज क्षेत्र में 8 जुलाई 2022 को छापेमारी के बाद से ही साहिबगंज पुलिस भी सक्रिय हो गई. साहिबगंज पुलिस ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में पहले 29 जुलाई को पत्थर किंग के नाम से जाना जानेवाले मुंगेरी यादव को गिरफ्तार किया था.

साहिबगंज पुलिस ने 30 जुलाई को अशोक यादव को दाहू यादव के जहाज पर गोलीबारी मामले में साहिबगंज मुसफ्फिल थाने में दर्ज केस में गिरफ्तार किया था. उसपर आधा दर्जन केस है, जो बिजली चोरी, अवैध खनन व आर्म्स एक्ट से संबंधित है. अवैध खनन मामले में मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान के दौरान ईडी ने 8 जुलाई 2022 को साहिबगंज में सीएम के बरहेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा व अन्य सहयोगियों से जुड़े 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इस छापेमारी में ईडी ने कुल 5.32 करोड़ रुपये नकदी बरामद की थी. करोड़ों के बैंकिंग लेन-देन व निवेश से संबंधित दस्तावेज भी मिले थे. इसके लिए ईडी ने विधिवत जब्ती सूची तैयार की थी. जब्ती सूची पर नियमत: गवाहों का दस्तखत होता है. ईडी के जब्ती सूची पर तब अशोक यादव ने गवाह के तौर पर अपना दस्तखत किया था.

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