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कोचांग ग्राम प्रधान सुखराम मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों का कैंडल मार्च

Ranchi : कोचांग ग्राम प्रधान सुखराम मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों के द्वारा रांची विश्वविद्यालय गेट से अल्बर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया. कैंडल मार्च में शामिल केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष अजय टोप्पो ने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़ों के अधिकार की मांग व आवाज उठाने वालों पर सरकार दमन करना बंद करे.  कहा कि सरकार जल्द से जल्द कदम उठाते हुए 24 घंटे के अंदर सामाजिक कार्यकर्ता सुखराम मुंडा के हत्यारे को गिरफ्तार करे

प्रभाकर नाग ने हत्या पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि सरकार ने पत्थलगड़ी का दमन करने के लिए खूंटी में कई स्थानों पर पुलिस कैंप लगाया है.  कोचांग में भी  पुलिस कैंप है. ऐसे में कैप के नजदीक ग्राम प्रधान की हत्या होना कई साजिशों की ओर इशारा करता है. आरोप लगाया कि झारखंड में जमीन लूट के लिए ग्राम प्रधान सुखराम मुंडा की प्रायोजित हत्या कराई गयी है.

हम आदिवासियों में प्रधानमंत्री के बाद ग्राम प्रधान को सर्वोपरि माने जाने की परंपरा है. ग्राम सभा सर्वोच्च है  मौके पर कृष्णा लकड़ा ने ग्रामप्रधान की हत्या पर रोष प्रकट करते हुए कहा -सरकार बोलती है कि आदिवासियों की जमीन कोई नहीं छीन सकता, लेकिन जल- जंगल -जमीन की रक्षा करने वाले ग्राम प्रधान की हत्या हो रही है.

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आदिवासियों को पूर्ण रूप से समाप्त करने की साजिश

आदिवासी युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशि पन्ना ने कहा सुखराम मुंडा  कोचांग की  2.47 एकड़ जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे जिसका सरकार ने फर्जी ग्राम सभा कर अधिग्रहण किया. आदिवासियों के हक, अधिकार और जल, जंगल ,जमीन की रक्षा करने वालों की चुन चुन कर हत्या की जा रही  है. पहले अब्राहम मुंडा, बिरसा मुंडा ,अमित तोपनो  और अब सुखराम मुंडा कर दी गयी. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद रांची महानगर उपाध्यक्ष सुनीता मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज की जो भी समाज के लिए आवाज उठाते हैं , उन्हें सरकार द्वारा दबा दिया जा रहा है.

केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के महासचिव अलबिन लकड़ा ने कहा कि  आदिवासी सामाजिक अगुओ की षडयंत्र के तहत हत्या की जा रही है.  प्रशासन और सरकार  चुप्पी साधे बैठे हैं. आरोप लगाया कि आदिवासियों को पूर्ण रूप से समाप्त करने की साजिश चल रही है.  उनका अस्तित्व मिटाने का प्रयास किया जा रहा है.  हम सरकार से यह मांग करते हैं कि सरकार स्वर्गीय सुखराम मुंडा के परिवार को 25,000,00 रुपये का मुआवजा दे और उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाये.

कैंडल मार्च में  मुख्य रूप से कुलदीप तिर्की, राम कुमार नायक, विकास तिर्की, अमरनाथ लकड़ा, हर्षित तिर्की,, दीपक मुंडा ,अभिषेक बाड़ा एवं सैकड़ों युवा उपस्थित थे.

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