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#AutoSector में मंदी के लिए ओला, उबर जैसी कैब सर्विस भी जिम्मेदार : निर्मला सीतारमण   

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर बीएस6 और लोगों की सोच में आये बदलाव का असर पड़ रहा है,

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NewDelhi :  ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर बीएस6 और लोगों की सोच में आये बदलाव का असर पड़ रहा है, लोग अब गाड़ी खरीदने की बजाय ओला या उबर जैसी कैब सर्विस को तरजीह दे रहे हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में  यह बात कही.

निर्मला सीतारमण ने वाहन क्षेत्र में मंदी के कारणों में ओला और उबर जैसी कैब सर्विस को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, दो साल पहले तक वाहन उद्योग के लिए अच्छा समय था. निश्चित रूप से उस समय वाहन क्षेत्र के उच्च वृद्धि का दौर था.

साथ ही सीतारमण ने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र कई चीजों से प्रभावित है जिसमें भारत चरण-6 मानक, पंजीकरण संबंधित बातें और लोगों की सोच में बदलाव शामिल हैं. उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन बताते हैं कि गाड़ियों को लेकर युवाओं की सोच बदली है. वे स्वयं का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाय ओला, उबर या मेट्रो सेवाओं को पसंद कर रहे हैं.

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लोगों की नौकरियां भी खतरे में पड़ रही हैं

अपनी बात पर जोर देते हुए सीतारमण ने कहा, कोई एक कारण नहीं है जो वाहन क्षेत्र को प्रभावित कर रहे हैं. हमारी उस पर नजर है. हम उसके समाधान का प्रयास करेंगे. तहा कि भारत में चरण-6 उत्सर्जन मानक एक अप्रैल 2020 से प्रभाव में आयेगा.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा बैंक भी लाभ में रहे.  वहीं दूसरी तरफ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस), हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस और आईटीसी नुकसान में रही.

वर्तमान में  वाहन कंपनियां भारत चरण-4 मानकों का पालन कर रही हैं. जान लें कि देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर मंदी की मार झेल रहा है. कई कंपनियों ने कुछ दिनों के लिए उत्पादन पर रोक लगा हैं.  इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की नौकरियां भी खतरे में पड़ रही   हैं.

लोगों के माइंडसेट में बदलाव आया है

इस वातावरण में  वित्त मंत्री सीतारमण ने ऑटो सेक्टर की गिरावट के लिए लोगों के माइंडसेट में बदलाव और बीएस-6 मॉडल को जिम्मेदार ठहराया है.  भारतीय वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन (सियाम) ने सोमवार को अगस्त महीने के बिक्री आँकड़े जारी किये थे. उसके अनुसार  देश में लगातार दसवें महीने  यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है.

इसके अनुसार, बिक्री में 1997-98 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. अगस्त माह के दौरान वाहनों की कुल बिक्री पिछले साल के इसी माह की 23,82,436 की तुलना में 23.55 फीसदी घटकर 18,21,490 वाहन रह गयी.

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