
Beijing: चीन में घातक कोरोना वायरस से बुधवार को 73 और लोगों की जान जाने से इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 563 हो गयी. इस वायरस से संक्रमित होने के 28,018 मामलों की पुष्टि हुई है.
वहीं इस वायरस के इलाज में ड्यूटी पर लगे एक डॉक्टर की मौत भी हो गयी है. डॉक्टर की मौत बिना आराम किये लगातार काम करने की वजह से हुई है.
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हार्ट अटैक से हुई डॉक्टर की मौत
इस कहर का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं बल्कि उनपर भी हो रहा है जो इस वायरस का इलाज कर रहे हैं. इस वायरस की वजह से एक डॉक्टर की मौत होने का पहला मामला सामने आया है.
जिस डॉक्टर की मौत हुई है उनका नाम सॉन्ग यिंगजी बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक यिंगजी पिछले 10 दिनों से लगातार बिना आराम किये काम पर लगे थे. वह चीन के हुनान प्रांत के हेंगयांग इलाके में तैनात थे. उनका काम आते जाते लोगों का तापमान मापना था. वहीं लगातार काम करने की वजह से दिल का दौरा पड़ने पर उनकी मौत हो गयी.
चीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि बुधवार को इससे 73 और लोगों की जान चली गई और इनमें से 70 हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान से थे, जहां इससे सबसे अधिक लोग मारे गये हैं.
आयोग ने बताया कि देश में अभी तक इस वायरस की चपेट में आने से कुल 563 लोगों की जान जा चुकी है और 28,018 मामलों की पुष्टि हुई है. उसने ने बताया कि बुधवार को 5,328 नये मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें से 2,987 हुबई प्रांत में सामने आये.
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चीन के बाहर कोरोना के 182 मामले
चीन में बुधवार को 640 मरीज गंभीर रूप से बीमार हो गये और कुल 3,859 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. आयोग ने बताया कि बुधवार तक हांगकांग में इसके संक्रमण 21, मकाउ में 10 और ताइवान में 11 मामले सामने आये थे. चीन के बाहर इस वायरस के कुल 182 मामले सामने आ चुके हैं. हांगकांग और फिलिपीन में इससे एक-एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है.
गौरतलब है कि कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं. इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन ‘सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (सार्स) ऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गयी थी.




