
Ranchi: सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार ने जिन लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया है उनमें शीला कुमारी का नाम प्रमुख है. शीला कुमारी पहली बार विधायक बनीं हैं उन्हें मंत्री पद मिला है. उन्हें नीतीश कुमार के काफी भरोसेमंद नेता माना जाता है.
पर इससे भी बड़ी पहचान उनसे जुड़ी है. वह यह कि शीला कुमारी एक स्थापित राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके जेठ राजद से विधायक हैं जबकि ससुर राज्यपाल रह चुके हैं. शीला के पति इंजीनियर हैं.
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जानिये शीला कुमारी को
शीला कुमारी मधुबनी जिले के फुलपरास सीट से जदयू की विधायक निर्वाचित हुई हैं. दो बार की सीटिंग विधायक गुलजार देवी का टिकट काट कर शीला कुमारी को मैदान में उतारा गया था.
शीला के चचेरे ससुर धनिक लाल मंडल भी फुलपरास से विधायक रहे थे. वह बिहार विधानसभा के स्पीकर भी रहे. इमरजेंसी के बाद 1977 में जब आम चुनाव हुए तो धनिक लाल झंझारपुर से सांसद बने और मोरारजी देसाई की सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बनाये गये. वे 1990 से 1995 तक हरियाणा के राज्यपाल भी रहे.
शीला मंडल के जेठ और धनिक लाल मंडल के पुत्र भारत भूषण मंडल लौकहा से राजद के टिकट पर विधायक बने हैं. शीला के खिलाफ चुनावी मैदान में जदयू विधायक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खड़ी थीं, फिर भी शीला ने उन्हें मात दे दी.
शीला कुमारी मंडल अतिपिछड़ी जाति से आती हैं. उनके पति शैलेंद्र कुमार इंजीनियर हैं. दोनों का विवाह 1991 में हुआ था. दोनों को एक बेटा और एक बेटी है.
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