
- जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा- हेमंत सोरेन संवेदनशील व्यक्ति हैं, लोग पूरी श्रद्धा के साथ मनायेंगे अपने त्योहार
Ranchi : छठ महापर्व को लेकर राज्य सरकार की गाइडलाइन राज्य की राजनीति काफी चर्चा में आ गयी है. प्रदेश भाजपा नेताओं ने हेमंत सरकार की इस गाइडलाइन को हिंदू धर्म पर बड़ा हमला बताया है. अब सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता ने इसे भाजपा की गंदी राजनीति करार दिया है. जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि छठ का जो सूप और दउरा आता है, वह हमारे समाज के पिछड़े तबके यानी दलित भाइयों के घर से आता है. दउरा में हम जो प्रसाद चढ़ाते हैं, वह हमारे अल्पसंख्यक समाज के भाई लोग बाजार में लाते हैं. भाजपा नेताओं को समझना चाहिए कि छठ सामाजिक समरसता का एक मिलन है.
जल को संक्रमण का वाहक माना गया है, भाजपा शासित राज्यों की तरह झारखंड सरकार ने लिये निर्णय
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार की यह गाइडलाइन केंद्र की उस गाइडलाइन के तहत है, जिसमें कहा गया है कि हमें कोरोना संक्रमण को रोकना है. उन्होंने कहा कि जल को इस संक्रमण का सबसे बड़ा वाहक माना गया है. गले का थूक, जिसे हम स्वाब भी कहते हैं, वह अगर पानी में जाये, तो संक्रमण फैल सकता है. इसे देखते हुए ही भाजपा शासित अन्य प्रदेशों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार की तरह झारखंड सरकार ने इस महापर्व में कुछ पाबंदी लगायी है. लेकिन, भाजपा नेता ने तो इस कदम को हिंदू धर्म की आस्था से जोड़ दिया. भाजपा नेता को यह बताना चाहिए कि क्या हमलोग हिंदू नहीं हैं. क्या हमने रामनवमी नहीं मनायी, क्या हमलोगों ने ईद, करमा, सरहुल, गुरुनानक जयंती नहीं मनायी. हम छठ भी उसी श्रद्धा के साथ मनायेंगे, लेकिन इसे राजनीतिक रूप नहीं देकर.
खुद संविधान की शपथ लेनेवाला व्यक्ति धर्म की बात कर रहा है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के बयान का जवाब देते हुए सुप्रियो ने कहा कि वैसे व्यक्ति, जो खुद एक सांसद हैं, संविधान की शपथ लेते हैं, वह धर्म की बात कह रहे हैं. सुप्रियो ने कहा कि भाजपा नेता कहते हैं कि इससे हिंदू धर्म पर चोट पहुंचा है. उन्हें मालूम होना चाहिए कि इस देश में सभी धर्म के लोगों को समान अधिकार मिले हैं. उन्हें पता होना चाहिए कि सनातन धर्म में ही कहा गया है कि मन चंगा तो कठौती में गंगा.
भाजपा की राजनीति में न आयें लोग
राज्य के लोगों से अपील करते हुए जेएमएम नेता ने कहा कि वे भाजपा की इस राजनीति में कभी भी नहीं आयें. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं बहुत संवेदनशील व्यक्ति हैं. पूरा राज्य प्रशासन का एक-एक व्यक्ति संवेदनशील है. हेमंत सरकार यह भरोसा दिलाती है कि सभी धर्म के लोग अपने त्योहार को पूरी श्रद्धा से मनायेंगे, लेकिन भाजपा और कुछ विशेष संगठन इस पर राजनीति कर रही है, वह गलत है.




