
Sahibganj: कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, यह ना जाति देखती है, ना धर्म. ऐसा ही वाकया साहिबगंज न्यायालय परिसर में सामने आया. जहां वाराणसी की लड़की साहिबगंज के लड़के से शादी की बंधन में बंधा दिखा और लड़की के पिता व भाई परिवार की दुहाई देकर घर चलने की मिन्नत करने में लगे रहे. लेकिन लड़की अपनी प्यार को झूठा साबित करना नही चाहती. लड़की ने कहा प्यार किया है कोई गुनाह नहीं की साथ जिएंगे साथ मरेंगे. कहा उसने विजय से प्यार किया है, उसके साथ शादी की है और उसी के साथ जिंदगी भी गुजरेगी. वहीं भाई का भी हाल बेहाल था. इस दौरान वहां तमाशबीनो की भीड़ लगी रही.
क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के बनारस कोतवाली नाकी घाट, थाना जैतपुरा निवासी मो. फारुख की इकलौती बेटी सिमरन बीते 10 फरवरी को घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी उसके बाद वह लापता हो गई. सिमरन बनारस स्थित किसी कॉलेज में पार्ट थर्ड की छात्रा है. काफी खोजबीन के बाद जब सिमरन का कोई पता नहीं चला तो उसके परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत थाना जैतपुरा थाना में की. तकनीकी आधार और मोबाइल लोकेशन के पर छानबीन कर यह पता लगाया था कि सिमरन झारखंड के साहिबगंज में हाट परिसर निवासी राम किशुन दास का पुत्र विजय कुमार दास नामक एक युवक के साथ है. इसके बाद इसकी सूचना इलाके के जीरवा बाड़ी ओपी पुलिस को दी थी. वहीं यूपी पुलिस एसआई जितेंद्र कुमार मौर्या की अगवाई में सोमवार की सुबह साहिबगंज पहुंची थी. टीम के साथ एक महिला पुलिसकर्मी के अलावा सिमरन के परिजन भी शामिल थे. इधर ओपी पुलिस सोमवार की सुबह ओपी क्षेत्र अंतर्गत साहिबगंज हाट परिसर के समीप छापेमारी कर विजय कुमार दास और सिमरन को हिरासत में लेकर बयान दर्ज कराने को लेकर दोनों को साहिबगंज न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया. न्यायालय में बयान दर्ज कराते हुए सिमरन ने कहा कि वे वालिग है और अपनी मर्जी से यह आई है. उसने विजय से प्यार किया है, उनसे शादी कर ली है, और उसी के साथ रहना चाहती है. न्यायालय के समक्ष बयान कलम बात कराने के बाद दोनों प्रेमी युगल को आगे की कार्रवाई के लिए जिरवा बाड़ी ओपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.
फेसबुक के जरिए हुआ प्यार
साहिबगंज हाट परिसर निवासी 25 वर्षीय विजय कुमार दास को फेसबुक के जरिए बनारस की 22 वर्षीय सिमरन से प्यार हुआ था. दोनों के अनुसार पिछले 3 – 4 साल से लगातार मोबाइल से एक दूसरे के संपर्क में था. सिमरन तीन भाई-बहनों में एकलौती बहन है. उसके पिता मोहम्मद फारुख बनारस में गाड़ी चलाने का काम करते हैं. विजय कुमार दास का पिता राम किशुन दास साहिबगंज में वाहनों की मरम्मती करने का काम कार्य करते हैं जिसमें विजय सहयोग करते रहा है. सिमरन के परिजनों का कहना था कि उसकी बेटी अभी नाबालिग है और उसे बहला-फुसलाकर विजय यहां ले भागा है. कहा कि विजय पहले भी कई बार बनारस जा चुका है. चोरी-छिपे उसकी बेटी से भी मिलते रहा था. कुछ माह पूर्व इसकी जानकारी होने पर उसने बेटी को इस संबंध में डांट फटकार भी लगाई थी. कहा कि उसकी बेटी सिमरन कॉलेज में पार्ट थर्ड की छात्रा है. लॉकडाउन के समय ऑनलाइन पढ़ाई के लिए उसने बेटी को मोबाइल दिया था. इधर बेटी सिमरन के घर से एकाएक लापता हो जाने से उसकी मां का हाल बेहाल है. वे पिछले तीन-चार दिनों से कोमा में है. वही दूसरी ओर विजय ने थाना में बताया कि वे मोबाइल के जरिए सिमरन से लगातार संपर्क में थे. लेकिन कभी भी बनारस नहीं गया था. पहली बार वह 10 जनवरी को बनारस गया था और सिमरन को ट्रेन से लेकर साहिबगंज वापस आया था. यह मामला दो समुदाय से जुड़े होने कारण पहले न्यायालय परिसर में फिर बाद में जीरवा बाडी ओपी परिसर में काफी देर गहमागहमी का माहौल रहा. समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के लोगों अपने-अपने पक्ष को समझाने में जुटे थे.
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