
Ranchi: बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है. घटना बुधवार की देर रात की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार नाबालिग लड़की घर से स्कूल के निकली थी देर शाम तक जब घर वापस नहीं लौटी तब परिजनों ने खोजबीन शुरू की. देर रात उसे बेहोशी की हालत में देखा गया. आनन-फानन में उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां बताया गया की लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ है. घटना की सूचना मिलने पर सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी हॉस्पिटल पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस मामले की जांच करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है.
सांसद ने कहा कि पुलिस द्वारा परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. इस मामले को लेकर न्यूज विंग संवाददाता ने मामले को लेकर जब बोकारो एसपी और पेटरवार थानेदार को फोन किया तो अधिकारियों ने घटना की जानकारी देने से इंकार किया. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि पुलिस मामले की जॉइंट मेडिकल टीम बनाकर जांच करें, अगर पुलिस की नजर में घटना नहीं हुई है तो दो आरोपी को गिरफ्तार क्यों किया गया है.
पीड़िता की मां ने कहा-पुलिस ने की जबरन दस्तखत कराने की कोशिश
घटना को लेकर नाबालिग की मां ने बताया कि स्कूल में छुट्टी होने के घंटो बाद जब बेटी घर नही पहुंची जाकर देखा तो वहां ताला लगा था. बेटी के दोस्त से पुछताछ करने पर पता चला कि स्कूल नही पहुंची थी. इसके बाद मामले को लेकर नाबालिग के पिता थाना पहुंचे. इसी बीच सूचना मिली कि बाजारटांड के नजदीक सुमित के दुकान के नजदीक बेटी बेहोशी की हालत में है. वहां से हॉस्पीटल ले जाया गया. जहां नर्सो ने बताया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुई है.
हॉस्पीटल के डॉक्टरो ने सदर हॉस्पीटल रेफर कर दिया. सदर हॉस्पीटल में बच्ची को थोड़ा होश आया तो उसने बताया कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया गया. नाबालिग की मां ने कहा सदर हॉस्पीटल में मौजूद पुलिसकर्मी ने पति से कागज पर जबरन हस्ताक्षर करने को कहा. नही करने पर मोबाइल फेक देने की धमकी दी. इसके बाद नाबालिग के मां को भी जबरन हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया. नाबालिग की मां ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया है.
आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
पेटरवार क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गये. स्थानीय लोग मामले को लेकर पेटरवार चौक को करीब घंटे से जाम कर दिया टायर जलाकर आगजनी की. जिसके कारण बोकारो तेनुघाट जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों किनारे वाहनों की लंबी कतारे लग गयी. स्थानीय लोगों का आरोप है पुलिस घटना पर गंभीरता दिखाने के बदले मामले को दबाने में जुटी है. परिजनों पर दबाब बनाया जा रहा है.




