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हवा में लटका बोकारो हवाईअड्डा ! किसी को पता ही नहीं कौन काटेगा एयरपोर्ट निर्माण के लिए पेड़

25 दिसंबर से ही एयरपोर्ट शुरू होने का था दावा

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: तारीखः 23 अप्रैल 2018- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के बीच एक करार हुआ. करार के मुताबिक बोकारो, बर्नपुर और राउरकेला में एयरपोर्ट बनना था. एयरपोर्ट बनाने में एएआई सेल की मदद करती. तीन साल तक एएआई एयरपोर्ट को चलाने के बाद एएआई वापस से एयरपोर्ट का सारा जिम्मा सेल को सौंप देती. जिस दिन से यह करार हुआ झारखंड में यह शिगूफा छोड़ा जाने लगा कि रांची के बाद बोकारो एक ऐसा शहर होगा, जहां से देश के दूसरे शहरों के लिए पब्लिक उड़ान भर पाएगी. बात आगे बढ़ी. राजनीतिक धधक से तपने के बाद एक सपना दिखाया गया कि 2018 से ही बोकारो एयरपोर्ट ऑपरेशनल हो जाएगा.

था दावा अटल जयंती पर शुरू होगी सेवा, निकला टांय-टांय फिस

तारीखः 25 अगस्त 2018- झारखंड में बीजेपी सरकार के मुखिया रघुवर दास, केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के अलावा आस-पास विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मंत्री की गवाही में दावा किया गया कि आने वाले दिसंबर से बोकारो एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू कर दी जाएगी. पांच जनवरी जिस दिन खबर लिखी जा रही है, उस दिन भी कोलकाता एयरपोर्ट के कुछ अधिकारी बोकारो एयरपोर्ट में यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि, आखिर बोकारो से विमान सेवा शुरू हो तो हो कैसे.

दरअसल बोकारो एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए करीब 7000 पेड़ काटने हैं. कुछ पेड़ को एयरपोर्ट से शिफ्ट करना है. यह सभी को पता है कि पेड़ कटने के बाद सेल को कटे हुए पेड़ों के बदले पेड़ लगाने हैं. लेकिन यह किसी को अभी तक नहीं पता है कि आखिर यह पेड़ काटेगा कौन.

लेटरबाजी का नतीजा लेट हुआ एयरपोर्ट

तारीखः 19 नवंबर 2018- एएआई के चेयरमैन गुरुप्रसाद मोहपातरा ने झारखंड के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को एक लेटर लिखा. अपनी चिट्ठी में एएआई के चेयरमैन ने लिखा कि एयरपोर्ट के रनवे और टर्मिनल बिल्डिंग का काम आगे बढ़ाने के लिए कुछ जरूरी चीजों की जरूरत है. उन्होंने कहा की बोकारो एयरपोर्ट क्षेत्र में 6771 पेड़ लगे हुए हैं. जिन्हें काटने की जरूरत है. इन पेड़ों को काटने के बाद ही एयरपोर्ट और बिल्डिंग का काम आगे बढ़ सकता है. उन्होंने लिखा कि स्टेट फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने इन पेड़ों को काटने की मंजूरी दे दी है.

सेल बोकारो ने इन पेड़ों के बदले दूसरी जगह पर पेड़ लगाने पर रजामंदी दे दी है. इन पेड़ों को काटना या दूसरी जगहों पर लगाना एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लिए संभव नहीं है. इसलिए स्टेट गवर्नमेंट से यह गुजारिश की जाती है कि पेड़ काटने का काम राज्य सरकार के स्तर पर हो.

तारीखः 26 नवंबर 2018- परिवहन एवं नागर विमानन विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने बोकारो डीसी मृत्युंजय कुमार बर्णवाल को एक पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने लिखा कि बोकारो हवाई अड्डा की परिधि में आने वाले वृक्षों को काटने की जरूरत है. इस काम में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का पत्र प्राप्त हुआ है. श्री टोप्पो ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि जिला प्रशासन शीघ्र ही वन प्रमंडल पदाधिकारी बोकारो और कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल बोकारो से समन्वय स्थापित कर वृक्षों की कटाई तेज गति से शुरू करे. इस पर होने वाले खर्च का भार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करेगा. वृक्षों की कटाई से संबंधित पत्र शीघ्र ही भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण उपलब्ध कराते हुए अग्रसर कार्रवाई करने की कृपा की जाए.

हम तैयार हैं, पर पेड़ काट नहीं सकतेः एएआई के अधिकारी

कोट नहीं करने की शर्त पर एएआई के अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार को यहां पेड़ों की कटाई करनी है. 7000 पेड़ हैं करीब. इनमें से करीब 1500 पेड़ों को शिफ्ट करना है. 5000 के करीब पेड़ हैं जिन्हें काटना है. हमने राज्य सरकार को लिखा भी है और शुरू से राज्य सरकार ने यह माना भी है कि ये सारा काम राज्य सरकार का है. बोकारो डीसी को राज्य के मुख्य सचिव ने इस बारे लिखा भी है. डीसी और डीएफओ साहब अब काम नहीं कर पा रहे हैं. डीएफओ साहब से एक बार डीसी ने मीटिंग भी की. लेकिन डीएफओ साहब ने मना कर दिया. इसके बाद बोकारो प्रशासन भी मना कर रहा है.

यह जमीन सेल की है. हमें तो सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना है. उसके बाद इसे सेल को ही चलाना है. कुछ पेड़ बाउंडरी वॉल के अंदर भी हैं और बाहर भी हैं. इसमें टावर भी आते हैं और कई चीजें आती हैं. जिससे विमान के उड़ान में परेशानी होती है. इन सभी को दुरुस्त करके देने का काम राज्य सरकार और सेल का है. जो हो नहीं रहा है. सारी बात पेड़ की बात पर आकर अटक जा रही है.

पेड़ काटना है एएआई कोः प्रवीण टोप्पो, सचिव

परिवहन एवं नागर विमानन विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने न्यूज विंग को बताया कि पेड़ काटने का टेंडर एएआई को ही करना है. हमने अपनी तरफ से बोकारो प्रशासन को यथासंभव मदद करने को कहा है. पेड़ काटना बोकारो डीसी का काम नहीं है. यह काम एएआई को ही करना है. जो भी देरी हो रही है वो एएआई की तरफ से हो रही है. राज्य सरकार और बोकारो प्रशासन मदद करने को हमेशा तैयार है.

एएआई को काटना होगा पेड़ः बोकारो डीसी

वन विभाग का कहना है कि हमारे पास पेड़ काटने का कोई साधन नहीं है. देवघर में भी जो एयरपोर्ट बन रहा है उसकी पेड़ कटाई का काम एएआई ने ही किया है. इस काम के लिए एएआई को टेंडर करना पड़ेगा. टेंडर कर पेड़ कटवाना मुझे नहीं लगता है कि बहुत मुश्किल वाला काम है. बोकारो प्रशासन ने मापी करके दे दिया है. मर्किंग भी हो गयी है. बस कटिंग का काम रह गया है. कटिंग होते ही आगे की प्रक्रिया वन विभाग कर लेगा. जब एएआई टेंडर से जरिए 52 करोड़ का काम कर सकती है, तो पेड़ कटिंग नहीं करवा सकते. जो एजेंसी एयरपोर्ट बनाएगी, उसी का काम पेड़ काटना भी होगा.

बोकारो प्रशासन को एनओसी देना था वो दे दिया गया. यह काम तो उनको करना पड़ेगा. काम में हो रही देरी के लिए मैंने एक बार मीटिंग भी की थी. लेकिन वो लोग बैठक में नहीं आए थे. दोबारा जल्द ही मैं मीटिंग बुलाने वाला हूं.

धनबाद सांसद नहीं चाहते, बोकारो में एयरपोर्ट बनेः जगरनाथ महतो

धनबाद सांसद नहीं चाहते बोकारो में हवाईअड्डा बनेः मंटू यादव, जेएमएम

एयरपोर्ट के मामले पर जेएमएम के वरीय नेता मंटू यादव ने कहा कि धनबाद सांसद नहीं चाहते हैं कि बोकारो में एयरपोर्ट बने. उनका सहयोग उपायुक्त कर रहे हैं. 25 को ही हवाईअड्डा शुरू होना था. सांसद चाहते हैं कि बोकारो में यह ना बन कर धनबाद में बने. पेड़ काटने का काम यदि बोकारो विधायक को मिल जाता तो एयरपोर्ट आज शुरू हो गया रहता. डीसी चाह लें तो 24 घंटे में पेड़ कट जाएगा. लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है.

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