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रांची नगर निगम की नहीं हो रही है बोर्ड बैठक, पार्षदों ने खोला मोर्चा

Ranchi : रांची नगर निगम की बोर्ड बैठक हर महीने नहीं हो रही है. जिससे न तो पार्षद समस्याओं पर चर्चा कर पा रहे है और न ही वार्ड की जनता की समस्या सुनी जा रही है. अब पार्षदों ने बोर्ड बैठक नहीं कराए जाने के विरोध में मोर्चा खोल दिया है. वहीं सभी पार्षद आपस में बैठक करने की योजना बना रहे है. जिससे कि नगर निगम के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके. साथ ही यह भी कहा कि क्या हर बार बोर्ड बैठक कराने के लिए धरना-प्रदर्शन करना जरूरी है. बोर्ड की बैठक हमारा अधिकार है और इसे हमसे छीना नहीं जा सकता.

हर महीने होनी थी बैठक

नगर निगम की बोर्ड बैठक हर महीने की 10 तारीख को कराने का निर्णय लिया गया था. जिससे कि वार्ड की समस्याओं को पार्षद रख सके. वहीं जरूरी योजनाओं और राशि का वितरण उनके वार्ड में किया जा सके. लेकिन यह आदेश भी ठंडे बस्ते में चला गया.

क्या कहते है पार्षद

पार्षद नाजिमा रजा ने कहा कि हमें आपस में एक बैठक करनी चाहिए. जिसमें बोर्ड बैठक कराने पर विचार करना होगा. चूंकि यह हमारा अधिकार है. मेयर मैडम नहीं रहेगी तो क्या बोर्ड की बैठक नहीं होगी. डिप्टी मेयर की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक कराई जा सकती है. योजनाओं के लिए बोर्ड की अनुमति जरूरी है. नहीं तो योजनाएं फाइल में ही रह जाएगी.

वार्ड 4 की पार्षद हुस्ना आरा का कहना है कि सभी पार्षद बैठकर एक निर्णय ले और अपना विचार रखकर एक लेटर नगर आयुक्त को देना चाहिए. निगम परिषद की बैठक का टाइम निर्धारित कराना चाहिए ताकि जो भी योजनाएं पेंडिंग है वह पूरा हो जाए. इसलिए हम सभी पार्षदों को एकजुट होना होगा और योजना बनानी होगी.

वार्ड पार्षद कुलभूषण डुंगडुंग ने कहा कि हमें सख्त कदम उठाना होगा. इसलिए जल्द से जल्द बैठक करने की जरूरत है. हमलोग आपस में बैठकर विचार विमर्श करेंगे तो योजना बना सकेंगे. चूंकि अब चुनाव आ रहा है. इसलिए हमें जनता को भी जवाब देना पड़ रहा है.

पार्षद ओमप्रकाश ने कहा कि बोर्ड की बैठक होनी ही चाहिए. इससे वार्ड की समस्याओं पर चर्चा होती है. सभी की समस्याएं सुनी जाती है. जब बैठक ही नहीं होगी तो समस्याएं जस की तस बनी रहेगी. पार्षदों के बीच भी एक बैठक होनी चाहिए.

पार्षद अर्जुन यादव का कहना है कि मेयर से भी बोर्ड बैठक कराने को लेकर चर्चा हुई थी. अगर बोर्ड की बैठक नहीं होगी तो वार्ड से योजनाएं मांगी गई है उसपर चर्चा ही नहीं होगी. फिर ये योजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाएगी. वार्ड के लोगों को हमसे भी उम्मीद रहती है कि कुछ काम होगा.

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