
Ranchi : राजधानी के वार्ड 29 में स्थित खादगढ़ा सब्जी मार्केट के 39 दुकानों के आवंटन में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है. यह आरोप जेएमएम नेता अरूण वर्मा ने लगाया है. उन्होंने आरोप के पीछे सूचना के अधिकार के तहत मांगे जवाब का हवाला दिया है. आरटीआई विक्रांत विश्वकर्मा की ओर से रांची नगर निगम में किया गया था.
उन्होंने कहा है कि निगम ने सर्वे कराकर जिन लोगों को दुकान आवंटित किया, उसमें एक-दो दुकानदारों को छोड़ अन्य ने कभी भी मार्केट में दुकान नहीं लगाये हैं. निगम की सूची से अलग भाजपा से जुड़े नेताओं, एक ही परिवार के कई सदस्यों और बेरमो (बोकारो) और सासाराम (बिहार) के व्यक्ति को दुकान आवंटित हुआ है.
इस बाबत उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र भी लिखा है. पत्र में फर्जीवाड़े की जांच कर पूरी आवंटन प्रक्रिया को रदद कर वास्तविक दुकानदारों को दुकान देने की मांग की है. पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नगर विकास सचिव को भी सौंपी है.
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किसी दुकानदार के 6 तो किसी के 5 परिवारिक सदस्यों को मिली दुकान

जेएमएम नेता का कहना है कि अजय चौधरी के नाम से निगम ने 35 नंबर दुकान आवंटित किया है. लेकिन इनके साथ परिवार को कुल 5 व्यक्तियों को फर्जी तरीके से दुकान आवंटित किया गया. इसी तरह संजय जायसवाल जो प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता हैं,उन्होंने अपने बेटे सुजीत कुमार जायसवाल के नाम से दुकान नंबर 11 आवंटित करा लिया.

इसी तरह कृष्णा निषाद को दुकान नंबर 38 आवंटित हुआ. लेकिन फर्जी तरीके से परिवार के 4 सदस्यों को दुकान आवंटित करा दी गयी. इसी तरह दुकान नंबर 10 और 33 (जयराम प्रसाद और बेटी सीमा प्रसाद), दुकान नंबर 19 और 22 (नितेश कुमार और अभय कुमार, दोनों भाई), और दुकान नंबर 36 और 37 (राम बालक साहु और परमेश्वर साहु, दोनों भाई) को आवंटित करने में फर्जीवाड़ा हुआ है. .
सासाराम और बेरमो के दुकानदारों को मिला दुकान
अरुण वर्मा का कहना है कि स्थानीय दुकानदारों का हक मारकर इन 39 दुकानों के आवंटन में बीजेपी नेताओं ने गंदा खेल खेला है. यहां तक कि गरीब, एससी, एसटी दुकानदारों की उपेक्षा कर सासाराम (बिहार) और बेरमो (बोकारो) के व्यक्ति को दुकान आवंटन कर दिया है. दुकानदारों को मिली दुकानें और उनके पत्ते की पूरी जानकारी रांची नगर निगम ने आरटीआई के तहत दी है.
जिम्मेदार पद पर हूं,लॉटरी में नाम आया तब बेटे को मिली दुकान: संजय जायसवाल
जेएमएम नेता ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है. न्यूज विंग ने उनसे भी मामले पर पक्ष लिया. भाजपा नेता संजय जायसवाल ने कहा है कि दुकान आवंटन के लिए रांची नगर निगम ने ओपेन टेंडर किया था. उसके बाद आवंटन को लेकर लॉटरी प्रक्रिया भी अपनायी गयी.
चूंकि वे एक जिम्मेदवार पद पर हैं, ऐसे में उन्होंने अपने बेटे को लॉटरी में भाग लेने को कहा. लॉटरी में नाम आने के बाद ही दुकान उनके बेटे को मिली. उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों से मार्केट में उनकी दुकान है. जो आज भी है. ऐसे में उनपर लगे आरोप पूरी तरह से गलत हैं.
जब शिकायत हुई है, तो मामला जांच के दायरे में है:अजय चौधरी
स्थानीय दुकानदार अजय चौधरी का कहना है कि चूंकि अब इसमें नेता और पॉलिटिक्स वाली बात आ गयी है, तो वे अब इसमें कुछ नहीं बोलेंगे. वे लोग बिजनेसमैन हैं. अब जब शिकायत हुई है, तो यह जांच का विषय है. अगर कुछ गलत है, तो कार्रवाई किया जाएगा. वहीं दुकानदार कृष्णा निषाद से भी संपर्क करने की कोशिश हुई, लेकिन उनका फोन बंद मिला.
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