
Ranchi: प्रदेश भाजपा ने राज्य सरकार पर ओबीसी आरक्षण मसले पर ठगी और वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया है. रांची महानगर जिला (भाजपा) द्वारा जाकिर हुसैन पार्क, रांची (राजभवन के समीप) में निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण नहीं दिए जाने के मसले पर आज आयोजित एकदिवसीय महाधरना में सरकार को इसके लिए कटघरे में खड़ा किया गया. भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलन के समय कांग्रेस ने जिम्मेदारी नहीं निभाई. अगर वह चाहती तो और पहले झारखंड बन गया होता. अटल बिहारी वाजपेयी ने अलग राज्य की सौगात दी. अब सत्तारूढ दल ओबीसी आरक्षण पर सबों को ठगने में लगा है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश, सांसद आदित्य साहु, संजय सेठ, पूर्व विधायक मनोज यादव समेत अन्य नेताओं ने भी नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण से वंचित किए जाने पर आलोचना की.
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कोर्ट में किए दावों से मुकर रही सरकार
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब वे सीएम थे तो उन्होंने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया था. हालांकि बाद में हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. इससे जुड़े मसले पर सुप्रीम कोर्ट और तमिलनाडु विवाद के कारण उस समय इस मामले को वहां रखना उस समय संभव नहीं हुआ. वैसे सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में यह कहा था कि आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता, ऐसा नहीं है. पर इसके लिए स्थानीय स्तर पर एक आयोग और सर्वे के आधार पर ऐसा किया जा सकता है. राज्य सरकार ऐसा चाहती तो कर सकती थी. पर उसने ऐसा अब तक नहीं किया. यहां तक कि पंचायत चुनाव बगैर आरक्षण के करा लिए. सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने आश्वस्त किया था कि वह आयोग बनाकर और सर्वे के आधार पर आरक्षण व्यवस्था करेगी. पर ऐसा ना कर अब नगर निकाय के चुनाव ओबीसी को आरक्षण दिए बगैर कराया जा रहा है. यह धोखाधड़ी है.




