
London : जार्ज फ्लायड की हत्या के विरोध में अमेरिका से शुरू हुए “ब्लैक लाइव्स मैटर” का गुस्सा ब्रिटेन पहुंच गया है. यहां भी सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं. संसद में आवाज उठ रही है. इस क्रम में ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक और गृह मंत्री प्रीति पटेल ने दुनिया भर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाई है.
जॉनसन ने अपने मंत्रिमंडल को ब्रिटेन के इतिहास का सर्वाधिक विविध मंत्रिमंडल करार दिया और नस्लवादी विरोधी प्रदर्शनों के बीच संयम बरतने का फिर से आह्वान किया.
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पीएम ने सोशल मीडिया पर दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया और दोहराया कि ‘‘हां, अश्वेतों का जीवन मायने रखता है.’’ साथ ही उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में भौतिक दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.
जॉनसन ने सुनक और पटेल के संदर्भ में कहा, ‘‘मैं इस देश के इतिहास में जातीय रूप से सर्वाधिक विविध सरकार का नेतृत्व करने में गौरव महसूस करता हूं. देश के चार अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से दो का प्रभार भारतीय मूल के एक पुरुष और एक स्त्री के हाथों में है.’’
उन्होंने कहा कि लेकिन वह उन लोगों का समर्थन नहीं करेंगे जो ऐसे समय में भौतिक दूरी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं जब देश नए सिरे से संक्रमण के जोखिम का सामना कर रहा है. उन्होंने लोगों से प्रदर्शनों के दौरान संयम बरतने का आह्वान किया.
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‘अश्वेतों का जीवन मायने रखता है’
‘अश्वेतों का जीवन मायने रखता है’ के नारे के साथ ब्रिटेन में हो रहे नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गत सप्ताहांत तक 35 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं. पटेल ने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन साथ ही प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की निंदा की.
उन्होंने हाउस ऑफ कॉमंस में कहा, ‘‘ये प्रदर्शन अन्याय के खिलाफ हैं, लेकिन इस दौरान हमारे साहसी पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं. प्रदर्शनों में अनुचित तरीका अपनाया जा रहा है.’’
विपक्षी लेबर पार्टी के एक सांसद के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद बचपन में कई तरीके से नस्लवाद का सामना किया है, इसलिए ‘‘जब बात नस्लवाद, लिंगवाद, सहिष्णुता या सामाजिक न्याय की आती है तो मुझे सदन की दूसरी ओर से कोई व्याख्यान नहीं सुनना.’’
वहीं, भारतीय मूल के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने सोशल मीडिया पर नस्लवाद के खिलाफ अपना संदेश साझा करते हुए कहा कि ब्रिटेन में नस्लवाद अब भी मौजूद है.
उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश एशियाई होने के नाते मैं जानता हूं कि देश में नस्लवाद अब भी मौजूद है. और मैं जानता हूं कि लोग निराश हैं. वे बदलाव देखना चाहते हैं. लेकिन कोई भी बेहतर समाज रातों-रात नहीं बनता. सृजन के अन्य महान कार्यों की तरह यह धीरे-धीरे होता है और यह लक्ष्य के प्रति हममें से प्रत्येक के सहयोग पर निर्भर करता है.’’ सुनक ने प्रदर्शनों के दौरान हो रही हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा की.
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के मिनियापोलिस में एक श्वेत पुलिस अधिकारी द्वारा अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या किए जाने के बाद अमेरिका सहित दुनियाभर में नस्लवाद के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं जिनमें हिंसा, आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हो रही हैं.
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