
Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथे दिन भी हंगामा जारी है. सदन की कार्य़वाही 11 बजकर 6 मिनट पर शुरू हुई. लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के विधाय़कों ने हंगामा शुरू कर दिया. साथ ही बीजेपी के सभी विधायक हंगामा करते हुए वेल में खड़े हो गये और बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग पर अड़ गये.
वहीं बीजेपी विधायक अनंत ओझा वेल में उतर गये और स्पीकर से बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर बैठाने की मांग करने लगे. जिसपर स्पीकर ने हंगामा बढ़ता देख सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
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विनोद सिंह ने पेश किया कार्यस्थगन प्रस्ताव
वहीं इसी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही चल रही थी. विधायक विनोद सिंह ने उसी दौरान कार्य स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया. जबकि विधायक लंबोदर महतो अपने पूछे गये सवाल का जवाब गलत बता बता रहे थे. दरअसल लंबोदर महतो ने सरकार से सवाल किया था कि पंचायत प्रतिनिधियों को 10 माह से बकाया वेतन कब दिया जायेगा.
जिसके जबाव में सरकार की ओर से बताया गया कि साल 2015-16 और 2016-17 का अनुदान दे दिया गया है.लेकिन लंबोदर महतो ने सरकार की ओर से दिये गये जबाव को गलत बताया.
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विधायक लगा रहे थे नारा
वहीं सदन में बीजेपी विधायकों का हंगामा बाकि दिन के मुकाबले बुधवार को इतना जोरदार था कि विधायक से लेकर पत्रकार दीर्घा में बैठे पत्रकार भी सदन के अंदर की कार्यवाही को सुन नहीं पा रहे थे.
बीजेपी के विधायक सदन के अंदर संघर्ष का नारा लगा रहे थे. जिसपर स्पीकर रवींद्र महतो ने कहा कि ये मामला संघर्ष का नहीं है. साथ ही स्पीकर ने कहा कि मामला विचाराधीन है और जल्द ही इस मामले पर कोई फैसला दिया जायेगा.
बोले रामेश्वर – चलने दें सदन
वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने भाजपा से सदन चलने देने की अपील की. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को लेकर कहा है कि हम सभी को संविधान पढ़ने समझने की जरूरत है. साथ ही कहा कि 10th schedule का मामला है. इसपर ही निर्णय होगा. जल्दबाजी में निर्णय करा लेना उचित नहीं होगा. जनता के सवालों को सदन में आने देना चाहिए.
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