
Ranchi : भाजपा विधायक विधायक समरी लाल ने बुधवार को विधानसभा स्पीकर के न्यायाधिकरण में याचिका दायर की. याचिका में उन्होंने विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के खिलाफ दल बदल कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.
साथ ही दोनों की सदस्यता समाप्त करने की अपील की. स्पीकर से आग्रह किया कि दोनों विधायकों ने दसवीं अनुसूची का उल्लंघन किया है. यह दल बदल का मामला है. इस कारण उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाये.
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निर्दलीय विधायक हैं प्रदीप यादव और बंधु
समरी लाल ने याचिका के जरिये कहा है कि 2019 विधानसभा चुनाव में प्रदीप यादव, पोड़ैयाहाट विधानसभा से और बंधु तिर्की मांडर विधानसभा के लिए झारखंड विकास मोर्चा के उम्मीदवार के तौर पर विधायक निर्वाचित हुए थे.
इसके बाद से दोनों ही पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहे. अंततः झारखंड विकास मोर्चा ने केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया गया. इसकी सूचना विधानसभा और चुनाव आयोग को दी गयी.
11 फरवरी, 2020 को झाविमो की कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा में सर्वसम्मति से विलय करने का फैसला लिया गया. इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने इस विलय को स्वीकार किया.
जेवीएम के विलय को देखते हुए आयोग ने बाबूलाल मरांडी, विधायक (धनवार) को भाजपा के विधायक के तौर पर स्वीकार कर लिया. बंधु तिर्की और प्रदीप यादव को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मान्यता दी.
इसके बाद दोनों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. यह सीधा दसवीं अनुसूची को प्रभावित करता है. ऐसे में अब प्रदीप यादव औऱ बंधु तिर्की की सदस्यता रद्द की जाये.
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दूसरी बार पड़ी याचिका
गौरतलब है कि 19 जनवरी को भी भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने विधानसभा स्पीकर के ट्रिब्यूनल में प्रदीप यादव और बंधु तिर्की की सदस्यता समाप्त करने के लिए मामला दायर किया था. दोनों के खिलाफ दसवीं अनुसूची के उल्लंघन का आऱोप लगाया गया है.




