
Ranchi : बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड, पटना (बिहार सरकार) ने अपने अधीन संचालित रहे कारखाने में काम कर रहे कर्मियों, रिटायर्ड कर्मियों के भुगतान मामले में नया फैसला लिया है. अब वह RTGS ( समय सकल भुगतान प्रणाली) के जरिये सभी तरह का पेमेंट करेगा. इसका लाभ झारखंड के कर्मियों को भी मिलेगा. झारखंड में भी निगम की लोक उपक्रम इकाईयां रही हैं. इनमें प्रमुख तौर पर रांची स्थित हाई टेन्शन इन्सुलेटर फैक्ट्री, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट फैक्ट्री, मैलेबुल कास्ट आयरन फाण्ड्री, स्वर्ण रेखा घड़ी कारखाना शामिल है. इसके अलावा सिंदरी (धनबाद) में भी बिहार राज्य सुपरफास्फेट फैक्ट्री है. निगम की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि बिहार में भी उसकी लोक उपक्रम इकाईयां हैं. बिहार स्पन सिल्क मिल, भागलपुर तथा सब्सिडयरी इकाई (बिहार स्कूटर्स लिमिटेड, फतुहा एवं बिहार पेपर मिल्स लिमिटेड, सहरसा) के भी सभी कार्यरत, रिटायर्ड, वैधानिक आश्रित कर्मियों को आरटीजीएस के जरिये ही भुगतान होगा.
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करने होंगे ये काम
बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड ने आरटीजीएस भुगतान के लिए कहा है कि सभी संबंधित कर्मी, रिटायर्ड कर्मी अपने बैंक खाते का विवरण, एक कैंसिल चेक, पैन कार्ड और आधार कार्ड की की कॉपी कार्यालय में जमा करेंगे. जो वैधानिक आश्रित हैं, वे अपनी वंशावली और जरूरी डाक्यूमेंट्स भी आफिस में जमा कर देंगे.
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