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बिहारः एक महीने में ढह गया ‘सुशासन’ का पुल, पानी में बह गये 264 करोड़ रुपये 

आठ सालों में बना पुल महज एक महीने में ढहा, 16 जून को सीएम नीतीश ने किया था उद्घाटन

Gopalganj: बिहार में कोरोना का कहर है, ऊपर से बाढ़ की विभीषिका भी. इनके बीच में सरकार की नाकामी ने तकलीफ और बढ़ा दी है. सुशासन का दावा करने वाली नीतीश सरकार के दावों की पोल गोपालगंज में पुल का एक हिस्सा ढहने से खुल गई. महज एक महीने पहले सूबे के मुखिया ने 264 करोड़ की लगात से बने सत्तरघाट महासेतु का उद्घाटन किया था. लेकिन उद्घघाटन के महज के महीने में ही पुल का हिस्सा ढह गया, इसके साथ ही 264 करोड़ भी पानी में बह गये.

बता दें कि बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महासेतू का उद्घाटन किया था. ये पुल गोपालगंज को चंपारण से और इसके साथ तिरहुत के कई जिलों को जोड़ता था.

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कई जिलों से टूटा संपर्क

सत्तरघाट महासेतु का हिस्सा ढहने से पुल पर आवागमन ठप हो गया है. दरअसल इसका एप्रोच रोड गंडक नदी (Gandak River) के पानी के दबाव नहीं झेल पाया और देखते ही देखते ध्वस्त हो गया. लोगों के आने-जाने का लिंक समाप्त हो गया है. इस पुल के पहुंच पथ के ध्वस्त होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गयी है और चंपारण, तिरहुत, लालछापर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया और सारण समेत कई जिलों से संपर्क भी टूट गया है.

8 सालों में बना था पुल

उल्लेखनीय है कि सीएम नीतीश कुमार ने सत्तरघाट महासेतु के निर्माण की आधारशिला साल 2012 में रखी थी. हालांकि, इस पुल को बनाने के लिए तीन वर्षो का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन जमीन सम्बन्धी मामले और अन्य अड़चनों की वजह से एक लंबा वक्त लगा. और 2020 में पुल बनकर तैयार हुआ. बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने इस महासेतु का ऑनलाइन उद्घाटन किया था. ये पुल गोपालगंज को चंपारण से और इसके साथ तिरहुत के कई जिलों को जोड़ता था.

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तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना

उद्घाटन के महज एक महीने में पुल के इस तरह से ढहने पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि 8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश कुमार ने उद्घाटन किया था. 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया.

खबरदार! अगर किसी ने इसे नीतीश का भ्रष्टाचार कहा तो? 263 करोड़ तो सुशासनी मुंह दिखाई है. इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते हैं. साथ ही एक दूसरे ट्वीट के जरिये कहा कि बिहार में चारों तरफ लूट ही लूट मची है.

इधर भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस मामले की जानकारी बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव को दी है. उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच करने के लिए वह आगामी 4 अगस्त को शुरू होने वाले विधानसभा में उठाएंगे.

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