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मध्य प्रदेशः अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस की बर्बरता, हटाये गये डीएम-एसपी

अतिक्रमण का विरोध कर रहे दलित दंपती ने पीया था कीटनाशक, फिलहाल हालत स्थिर

Bhopal/Guna:  मध्य प्रदेश के गुना में अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस की बर्बर तस्वीर सामने आयी. इस मामले पर विवाद भी बढ़ता जा रहा है. अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस ने जैसी दबंगई दिखायी, उसकी हर कोई निंदा कर रहा है. क्योंकि एक तरफ पुलिस पति-पत्नी को पीट रही है तो दूसरी ओर उनके बच्चे रो रहे हैं और अपने मां-बाप को बचाने की कोशिश में हैं.

 

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अब अतिक्रमण का विरोध कर रहे दलित दंपति को निर्दयता से पीटे जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार रात को गुना के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने इस घटना के उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं.

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क्या है मामला

दरअसल गुना शहर के जगनपुर क्षेत्र में एक सरकारी मॉडल कॉलेज का निर्माण होना है. इस कॉलेज के लिये निर्धारित सरकारी जमीन के अतिक्रमण से जबरन निकाले गये एक दलित दंपति को विरोध करना भारी पड़ा. पुलिस ने दंपती की बर्बरता से पिटाई की. बुधवार को सोशल मीडिया पर दलित दंपति की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ, वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक ओर जहां पर अधिकारियों के द्वारा बुरी तरह से एक किसान दंपति को पीटा जा रहा है वहीं पास में उनके बच्चे रोते-बिलखते हुए उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर दंपती ने कीटनाशक पी लिया.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिस लाठी से एक आदमी को कथित तौर पर पीट रही है और उसकी पत्नी और अन्य लोग उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं. इसमें महिला भी अपने पति के ऊपर लेट जाती है और महिला पुलिसकर्मी उसे मौके से हटाते हुए नजर आ रही हैं.

वहीं घटना की जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि अतिक्रमणकारी दंपति और उनके परिवार के लोगों द्वारा अतिक्रमण हटाने की मुहिम का विरोध करने पर पुलिस को लाठीचार्ज करने के लिये मजबूर होना पड़ा. कीटनाशक पी लेने के बाद पुलिस द्वारा दंपति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां फिलहाल उनकी हालत में सुधार है.

नपे डीएम और एसपी

पुलिस की बर्बरता का वीडियो वायरल होने के बाद शिवराज सरकार हरकत में आयी और जिले के डीएम और एसपी पर गाज गिरी है. मध्य प्रदेश जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम पी खाडे ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ  को बताया, ‘गुना की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने गुना के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं.’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

खाडे ने बताया, मुख्यमंत्री ने गुना मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और कहा है कि जो भी इस घटना में दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरा

मामले को लेकर कांग्रेस शिवराज सरकार पर हमलावर है. पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट में कहा, ‘ये शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है ? ये कैसा जंगल राज है? गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया.’


उन्होंने कहा, यदि पीड़ित युवक का ज़मीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे क़ानूनी ढंग से हल किया जा सकता है लेकिन इस तरह क़ानून हाथ में लेकर उसकी, उसकी पत्नी की, परिजनों की और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है?

उन्होंने कहा, ‘क्या यह सब इसलिये कि वो एक दलित परिवार से हैं, ग़रीब किसान हैं? क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों और रसूख़दारों द्वारा क़ब्ज़ा की गयी हज़ारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिये भी शिवराज सरकार दिखायेगी ? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी.’ कांग्रेस ने इस मुहिम की आलोचना करते हुए घटना के लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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