
New Delhi : बिहार में चमकी बुखार से अबतक 111 बच्चों की जान जा चुकी है. चमकी बुखार से निपटने में बिहार सरकार की कोशिशों के बीच, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने इस बीमारी निगरानी रखने के लिए केंद्रीय स्तर पर विशेषज्ञों का एक स्थायी बहुविभागीय समूह गठित करने का फैसला किया.
कौन-कौन होंगे केंद्रीय समूह में शामिल
केंद्रीय समूह में एम्स, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा मौसम विज्ञान, पोषण और कृषि विज्ञान के विशेषज्ञ शामिल होंगे.
हर्षवर्धन ने विशेषज्ञों की बैठक की अध्यक्षा भी की. जिसमें बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी (जापानी) बुखार के कथित मामलों में बच्चों की मौत के कारणों और इस रोग पर काबू पाने के लिए तत्काल उपायों पर भी विचार किया गया.
क्या कहा स्वास्थ्य मंत्री ने
मंत्री ने कहा कि हमने इस रोग से ग्रस्त लोगों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि, उनके पोषण की जानकारी, लू की स्थिति, मृत बच्चों में ग्लूकोज की कमी की कथित समस्या, जिले में वर्तमान स्वास्थ्य आधारभूत ढांचा और इन मामलों में महत्वपूर्ण माने जाने वाले अन्य कारकों पर चर्चा की.
हर्षवर्धन ने कहा कि बिहार में दो केन्द्रीय बहुविभागीय टीमें पहले से तैनात हैं और सरकार की मदद कर रही हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राज्य सरकार के नियमित संपर्क में हैं और सभी जरूरी तकनीकी और अन्य मदद उपलब्ध करा रहे हैं.
गौरतलबै है कि बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 111 हो गई थी. चमकी बुखार एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) को कहा जा रहा है. इसी को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर जिले के एक अस्पताल का दौरा किया. लेकिन इस दौरान लोग उनसे नाराज नजर आये. लोगों ने नीतीश वापस जाओ के नारे लगाए.




