
Nikhil Kumar
Ranchi: जमशेदपुर इंडस्ट्रियल टाउनशिप के गठन की कार्यवाही तेज हो गयी है. विकास आयुक्त,नगर विकास सचिव,जमशेदपुर डीसी और टाटा के अधिकारियों ने इस पर मंथन किया है. इसके बाद नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने जमशेदपुर उपायुक्त, टाटा स्टील के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि जेआइटीसी के घटक एवं उनकी भूमिका तथा कार्यो से संबंधित ड्राफ्ट, रूल्स एंड बॉयलॉज (फॉर जेटीसी,एससी एंड आइई) का प्रारूप तैयार कर उपलब्ध कराएं. जेआईटीसी के जरिए ही जमशेदपुर में नागरिक सुविधा उपलब्ध कराये जाने पर विचार हो रहा है. इसके बदले शुल्क वसूला जायेगा.
सचिव ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इस संबंध में निर्णय सरकार के स्तर से होगा, जो सभी पक्षों को मान्य होगा. विकास आयुक्त झारखंड अरूण कुमार सिंह ने भी इस संबंध में टाटा स्टील कंपनी को फिर से एक परिष्कृत प्रस्ताव नगर विकास विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. नगर विकास विभाग ही इस पर संलेख तैयार करके आगे की कार्यवाही करेगा. विभाग ने इस संबंध में टाटा स्टील के अधिकारियों के साथ बैठक की थी,जिसमें ये निर्देश दिए गये हैं.
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नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने उपायुक्त जमशेदपुर एवं टाटा स्टील के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वर्ष 2005 में लीज से बाहर हुई सभी बसावटों को जमशेदपुर औद्योगिक नगरी में शामिल करने तथा प्रस्तावित जमशेदपुर इंडस्ट्रियल टाउनशिप कमेटी का स्पष्ट डिमारकेशन का प्रस्ताव उपलब्ध करायें. इसमें जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के संपूर्ण भाग शामिल होंगे तथा जिससे लगभग 15725 एकड़ भूमि शामिल होगी.
इंडस्ट्रियल टाउनशिप कमेटी की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है
इंडस्ट्रियल टाउनशिप कमेटी की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है. कमेटी के अंदर दो अलग-अलग बॉडी होगी, जिसमें एक स्टेच्यूरी फंक्शन व दूसरी औद्योगिक स्थापना होगी. इस समिति में कोरम सहित कई सदस्य शामिल किए जायेंगे. स्टेच्यूरी सेल मुख्य रूप से लाइसेसिंग एक्टिविटी,सर्टिफिकेट,मेटेंनेंस रिकार्ड आदि का काम देखेगा. इसके अलावा केंद्रांश,राज्यांश, सांसद,विधायक,स्वैच्छिक निधि,सरकारी अनुदान प्राप्त करेगा और जेआईटीसी के निर्णयानुसार राशि का खर्च करेगा. स्थापना कार्य में निकाय सेवाएं, अन्य सेवाएं,कार्य संपादित कराना,सर्विस के विरूद्ध दिए जाने वाले नागरिक सुविधा शुल्क,होल्डिंग टैक्स वसूली का कार्य करेंगे. इस कमेटी में स्टेच्यूरी सेल का इंचार्ज भी होगा. पद पर अनुमंडल पदाधिकारी अथवा उससे उच्च स्तर के पदाधिकारी की नियुक्ति का प्रस्ताव उपलब्ध कराया जायेगा.
इन शर्तो को पूरा करने पर आगे बढ़ेगी बात
- टाटा स्टील लि.को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एसएलपी केस नंबर 467, 2008 को वापस लेना होगा.
- टाटा स्टील को उन आवासीय बसावटों को फिर से सबलीज में शामिल करने के लिए सहमत होना चाहिए जो, टाटा लीज का हिस्सा बन रहे थे और उन्हें सभी बुनयादि नगरपालिका सेवाएं प्रदान कर रहे थे.
- औद्योगिक टाउनशिप समिति में रज्य का उचित प्रतिनिधित्व होना चाहिए.
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टाटा स्टील ने दिया है जवाब
टाटा स्टील ने इन शर्तो पर पूर्व में ही अपना जवाब समर्पित कर दिया गया है और वे जिन शर्तो पर 2005 में भूमि लीज किया गया था और 2 नवंबर 2020 को सचिव नगर विकास विभाग की अध्यक्षता में इसी विषय पर बैठक के आधार पर वे भूमि वापस लेने के लिए सहमत है,जिसे वर्ष 2005 में पट्टे के नवीनीकरण के दौरान बाहर रखा गया था तथा यह भी उल्लेख किया गया है कि टाटा स्टील लि.उपरोक्त क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के लिए सहमत हैं. विकास आयुक्त ने इस पर यह निर्देश दिया गया कि जो संलेख गठित हो रहा है उस पर भू-राजस्व विभाग का भी सहमति प्रदान कर लिया जाये.




