
Ranchi: राज्य के जिला परिषद में वित्त वर्ष 2020-21 में आवंटित राशि की फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं हो पायी है. 15वें वित्त आयोग से आवंटित टाइड-अनटाइउ फंड से वित्तीय वर्ष 2020-21 में किसी भी जिला पंचायतों के द्वारा राशि व्यय नहीं किया गया है. पंचायती राज विभाग ने इसकी रिपोर्ट मंगवायी है,जिला परिषद में खर्च की स्थिति की समीक्षा की है. समीक्षा में यह बात सामने आयी है कि वित्त वर्ष 2021-22 में बजट के 191.88 करोड़ में से मात्र 17.21 करोड़ यानि नौ फीसदी ही राशि खर्च हो पायी है.
वहीं,वित्त वर्ष 2020-21 की हालात तो और खराब है. सूत्रों का कहना है कि इस बार बड़ी योजनाएं लेने का निर्देश जिला पंचायतों को दिया गया था,ऐसे में वे वैसी योजनाएं ही नहीं बना पाये जिससे राशि व्यय होती. पूरे मामले की समीक्षा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी की है और जिला परिषदों को कहा है कि अविलंब राशि खर्च करें. हालांकि, 24 जिलों में इस अवधि में 1900 एक्टिविटी प्रारंभ हुई पर नहीं के बराबर राशि खर्च हुई. यानि धरातल पर पिछले डेढ़ साल से कुछ काम नहीं हो सका.
जिला उपलब्ध फंड खर्च
बोकारो 8.78 0.00
चतरा 6.38 0.00
देवघर 7.46 0.00
धनबाद 8.70 0.00
दुमका 7.88 0.00
पूर्वी सिंहभूम 8.50 0.00
गढ़वा 7.74 0.00
गिरिडीह 13.73 0.00
गोड्डा 7.41 0.00
गुमला 6.68 0.00
हजारीबाग 9.57 0.00
जामताड़ा 4.84 0.00
खूंटी 3.37 0.00
कोडरमा 3.70 0.00
लातेहार 4.73 0.00
लोहरदगा 2.60 0.00
पाकुड़ 5.20 0.00
पलामू 10.56 0.00
रामगढ़ 4.41 0.00
रांची 11.30 0.00
साहेबगंज 6.18 0.00
सिमडेगा 4.05 0.00
प.सिंहभूम 9.60 0.00
कुल: 168.00 0.00




