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प्रतिबंध के बावजूद धनबाद में धड़ल्ले से बिक रहे भूटान-सिक्किम के लॉटरी टिकट, करोड़पति बनने के चक्कर में कंगाल हो रहे लोग

Kumar kamesh

Dhanbad : झारखंड में लॉटरी टिकटों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा हुआ है इसके बावजूद धनबाद में धड़ल्ले से भूटान और सिक्किम के लॉटरी टिकट बिक रहे हैं.

बंगाल के रास्ते यह लॉटरी टिकट धनबाद पहुंच रहे हैं. धनबाद के विभिन्न जगहों पर चाय और पान दुकानों पर इन टिकटों की बिक्री की जाती है. काफी संख्या में लोग करोड़पति बनने के चक्कर में कंगाल बन रहे हैं.

इस धंधे में संलिप्त लोगों का कहना है कि उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता क्योंकि वो मोटी रकम पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचाते हैं.

शॉर्टकट तरीके से करोड़पति बनने की चाह रखने वाले लोग इसकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं. कई ऐसे लोग भी हैं जो करोड़पति बनने के ख्वाब संजोये बिल्कुल कंगाल हो गये. उनके घर बिक गये.

कई ने तो अपनी जमीन तक बेच दी. धनबाद शहर से लेकर सुदूर देहातों तक लॉटरी टिकट की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. सामान्य रूप से लॉटरी टिकट बेचने वाले लोग टिकट को झोला में रखते हैं ताकि किसी को संदेह न हो.

टिकट बेचने वाले आम लोगों को टिकट खरीदने के लिए तरह-तरह के खाब दिखाते हैं उन्हें बहुत जल्दी करोड़पति बना देने का भरोसा दिलाते हैं. और अगर एक बार इस का चस्का लग गया तो आदमी अपनी जमीन-जायदाद तक बेच देता है.

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धनबाद में इन जगहों पर बिक रहे हैं लॉटरी टिकट

धनबाद स्टेशन रोड से लेकर झरिया, उपरकुल्ही, स्टेशन रोड झरिया, बाटा मोड़ झरिया, जामाडोबा, सुदामडीह, भागा सिनेमाहॉल, सिंदरी सिनेमा हॉल के समीप, निरसा और चिरकुंडा में लॉटरी का यह अवैध कारोबार खूब फल-फूल रहा है.

इसकी लत स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी पड़ गयी है. हैरत की बात तो यह है कि कई जगहों पर थानों के करीब लॉटरी का यह खेल चलता है. इसके बारे में न्यूज विंग को लगातार जानकारी मिल रही थी.

न्यूज विंग की टीम ने जिले के कई जगहों पर जानकारी इकट्ठा की. किस तरह स्टेशन रोड से लेकर झरिया और सिंदरी तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है. झरिया के तो हर इलाके में लॉटरी के धंधेबाज सक्रिय हैं. वहां से लेकर सिंदरी तक मुख्य सड़क के किनारे जगह-जगह लॉटरी का धंधा चल रहा है.

सुदामडीह थाना क्षेत्र के बिरसा पुल के रास्ते बंगाल के संथालडीह से लॉटरी लेकर आते हैं. बिरसा पुल के रास्ते झारखंड की सीमा प्रवेश करना काफी आसान है.

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ऐसे चलता है लॉटरी टिकट बेचने का धंधा

लॉटरी टिकट बेचने वाले धंधेबाजों को टिकट के एवज में कमीशन दिया जाता है. अगर एक लॉटरी टिकट की कीमत 6 रुपये है तो उसे 2 रुपये कमीशन दिये जायेंगे.

इतना ही नहीं, अगर किसी टिकट में कोई पुरस्कार फंसता है तो उस पर उसे अलग से कमीशन दिया जाता है. आमतौर पर जिसे लॉटरी का चस्का लग चुका है एक दिन में कम से कम 15 से 20 टिकटों की खरीदारी करता है. इस तरह इस धंधे में संलिप्त लोगों को मोटी कमाई हो जाती है.

आमतौर पर यह धंधेबाज पश्चिम बंगाल के आसनसोल, वर्धमान और कोलकाता से लॉटरी टिकट मंगवाते हैं. पश्चिम बंगाल में लॉटरी टिकटों की बिक्री वैध है. जिसका यह धंधेबाज पूरा फायदा उठाते हैं.

पहले पुरस्कृत लॉटरी टिकटों के नंबर अखबारों में जारी किये जाते थे लेकिन अब इसके नंबर वेबसाइटों पर जारी किये जाते हैं. हर दिन सुबह लोग इन वेबसाइटों को खोलकर अपनी किस्मत आजमाते हैं और फिर दूसरे दिन फिर से टिकट खरीदने की तैयारी में जुट जाते हैं.

आखिर धनबाद में प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों का बाजार क्यों सज रहा है? इस संबंध में जानकारी लेने के लिए हमने सिंदरी के एसडीपीओ से संपर्क करने की कोशिश की. बार-बार उनको फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

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